भोपाल: भोपाल के कुटुंब न्यायालय में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी शहर में खूब चर्चा हो रही है। एक परिवार ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद को खत्म करने के लिए आपसी सहमति से बड़ा वित्तीय समझौता किया। पत्नी ने अपने पति को उसकी साथी महिला के साथ रहने की मंजूरी दी, बदले में अपने और बेटियों के भविष्य के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति और नकद राशि ली।
ऑफिस की दोस्ती से बढ़ा रिश्ता
जानकारी के मुताबिक 42 वर्षीय एक अधिकारी, जो केंद्रीय सरकारी विभाग में पदस्थ है, का अपनी ही दफ्तर की सहकर्मी से संबंध बन गया। सहकर्मी की उम्र 54 वर्ष बताई जा रही है। इस रिश्ते के बाद अधिकारी का अपने परिवार से लगाव कम होता गया। पत्नी और दो बेटियों के साथ उसके संबंध लगातार बिगड़ते गए और घर में विवाद बढ़ने लगे।
बच्चियों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर असर
घर के तनाव का असर दोनों बेटियों पर साफ दिखने लगा। 16 और 12 साल की बच्चियां माता-पिता के झगड़ों से परेशान रहने लगीं। बड़ी बेटी ने हिम्मत दिखाते हुए परिवार को काउंसलिंग और कानूनी सलाह लेने के लिए राजी किया। काउंसलिंग के दौरान पति ने साफ कहा कि वह पत्नी के साथ नहीं रहना चाहता और सहकर्मी के साथ ही संतुष्ट है।
भविष्य सुरक्षित करने पर बनी सहमति
स्थिति साफ होने के बाद पत्नी ने अलग होने का फैसला लिया, लेकिन बेटियों के भविष्य को प्राथमिकता दी। उसने शर्त रखी कि उसे रहने के लिए एक अच्छा डुप्लेक्स मकान और 27 लाख रुपये नकद दिए जाएं। बताया जा रहा है कि पति की साथी महिला ने यह शर्त मान ली और परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
काउंसलर्स की राय
पारिवारिक मामलों के जानकारों का कहना है कि जब रिश्ते में विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव खत्म हो जाए तो लंबा विवाद बच्चों पर भारी पड़ता है। ऐसे में आपसी सम्मान और समझ से लिया गया फैसला कई बार बेहतर साबित होता है। उनका मानना है कि बच्चों की स्थिरता और सुरक्षा सबसे अहम होनी चाहिए।

