​बजट 2026 पर सियासी रार: राहुल गांधी कल संसद में देंगे जवाब, डिंपल और अखिलेश ने बताया ‘महिला व युवा विरोधी’

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 पेश किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। जहां विपक्षी दलों ने बजट को आम जनता से दूर बताया, वहीं सरकार ने इसे आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में ठोस कदम कहा है।

समाजवादी पार्टी ने बजट की कड़ी आलोचना की है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिम्पल यादव ने इसे गरीब, महिला और युवा विरोधी बताया। अखिलेश यादव का कहना है कि बजट कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया जाता है और आम जनता की समझ व जरूरतों से जुड़ा नहीं है। उन्होंने किसानों, गांवों, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त प्रावधान न होने का आरोप लगाया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि वह इस विषय पर संसद के मंच से अपनी बात रखेंगे।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बजट भाषण में ठोस विवरण की कमी रही। उन्होंने केरल के लिए घोषणाओं और लंबे समय से लंबित एम्स परियोजना का जिक्र करते हुए निराशा जताई।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने बजट को बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें किसानों और युवाओं के रोजगार को लेकर ठोस कदम नजर नहीं आते। उनके मुताबिक यह बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता।

तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें युवाओं, मध्यम वर्ग, किसानों और महिलाओं की सुरक्षा व हितों के लिए ठोस प्रावधान नहीं दिखते।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट को “खाली डिब्बा” करार देते हुए कहा कि निर्यातकों और किसानों के लिए किसी बड़ी राहत का ऐलान नहीं किया गया।

वहीं केंद्र सरकार की ओर से बजट का बचाव किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि इसमें हर वर्ग और हर क्षेत्र को सशक्त बनाने का स्पष्ट खाका है और यह विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करेगा।
कुल मिलाकर बजट 2026 को लेकर राजनीतिक मतभेद साफ दिख रहे हैं। अब इस पर संसद के भीतर होने वाली चर्चा में सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे।