यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सियासी घमासान, कांग्रेस बोली—बीजेपी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा समुदाय

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी के दर्जनभर ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। यह बैठक कुशीनगर से भाजपा विधायक पी.एन. पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर हुई, जिसे पार्टी की ओर से ‘सहभोज’ बताया गया है। हालांकि, इस आयोजन को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने भाजपा को घेरा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया कि भाजपा के भीतर ब्राह्मण समुदाय खुद को उपेक्षित और कमजोर महसूस कर रहा है।

अजय राय ने कहा, “मेरा मानना है कि यह बैठक इस बात का संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी के अंदर ब्राह्मण समुदाय खुद को किनारे और कमजोर महसूस कर रहा है। इसी वजह से उन्हें एकजुट होकर बैठक करने की जरूरत पड़ी। आज भाजपा में ब्राह्मणों को वह सम्मान नहीं मिल रहा, जो पहले मिलता था। जिस तरह का माहौल पार्टी के भीतर बनाया गया है, उससे ब्राह्मण समाज खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहा है, जबकि भाजपा को मजबूत करने में इस समुदाय की अहम भूमिका रही है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएन पाठक के आवास पर हुई इस बैठक में पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई विधायक शामिल हुए। बैठक में देवरिया से विधायक शलभमणि त्रिपाठी, मिर्जापुर से विधायक रत्नाकर मिश्रा और विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी की मौजूदगी भी बताई जा रही है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग जातीय समूहों के विधायकों की बैठकों ने सियासी हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। ऐसे में ब्राह्मण विधायकों की यह बैठक और उस पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकती है।