आगरा। विजयनगर कालोनी में रविवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया, जब त्रिवेणी क्रिस्टल अपार्टमेंट की चौथी मंजिल के एक फ्लैट में अचानक आग लग गई। आग लगते ही पूरे अपार्टमेंट में अफरातफरी मच गई। फ्लैट में मौजूद एक बुजुर्ग महिला और उनके पुत्र-पुत्री आग की लपटों के बीच फंस गए और मदद के लिए चीखने लगे। स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन दमकलकर्मियों की समय रहते पहुंची टीम ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए तीनों की जिंदगी बचा ली। करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर के अनुसार, फायर ब्रिगेड को शाम लगभग 4:15 बजे सूचना मिली कि पुरानी विजय नगर कालोनी स्थित त्रिवेणी क्रिस्टल अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 401 (राजीव अग्रवाल का फ्लैट) में आग लग गई है और कई लोग भीतर फंसे हैं। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुंच गईं।
चूंकि फ्लैट का मुख्य मार्ग आग की चपेट में आ चुका था, इसलिए दमकल टीम सीधे भीतर नहीं जा सकी। ऐसे में साहस दिखाते हुए अग्निशमन कर्मी रामकेश छत तक पहुंचे और पाँचवीं मंजिल से रस्सी के सहारे लटकते हुए खिड़की तोड़कर फ्लैट के अंदर दाखिल हुए। उन्होंने सबसे पहले बुजुर्ग महिला रंजना अग्रवाल (64 वर्ष) को बाहर निकाला, जो गंभीर स्थिति में थीं। इसके बाद उनकी बेटी मुस्कान (27 वर्ष) और बेटे रजत (33 वर्ष) को सुरक्षित निकाल लिया गया।
इस पूरे बचाव अभियान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई थी। लोग दमकलकर्मियों की बहादुरी को किसी फिल्मी दृश्य की तरह देखते रहे। रस्सी पर स्क्रोलिंग करते हुए आग के बीच फंसे तीनों लोगों को बाहर निकालना बेहद जोखिम भरा था। इस दौरान एक दमकलकर्मी का हेलमेट भी नीचे गिर गया, लेकिन टीम बिना रुके लगातार लगी रही।
फायर स्टेशन संजय प्लेस के रामकेश, प्रवीण और अन्य सहयोगियों ने मिलकर आग पर काबू पाया। घटना के समय फ्लैट मालिक राजीव अग्रवाल घर पर मौजूद नहीं थे। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
दमकलकर्मियों की त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने रविवार दोपहर को एक बड़े हादसे में बदलने से बचा लिया।

