उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। बड़ी संख्या में लोगों ने पूरे ढांचे को कुछ ही घंटों में जमींदोज कर दिया था। इसके बाद देश में संप्रदायिक दंगे हुए जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए। मंगलवार को उस घटना के 30 साल पूरे हो गए।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने इस तारीख का ‘धार्मिक फायदा’ उठाने की मंशा से एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘इस्लामी विरासतों की रक्षा की जानी चाहिए।’ धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देते हुए भुट्टो यह भूल गए कि उनके अपने देश में हिंदू मंदिर और सिख गुरुद्वारों की क्या स्थिति है। पाकिस्तानी पत्रकारों ने ट्विटर पर ही भुट्टो की बोलती बंद कर दी।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपने ट्वीट में लिखा, ’30 साल पहले हिंदू भीड़ अयोध्या में बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया था। इस नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस्लामी विरासत की रक्षा की जानी चाहिए।’ पाकिस्तान में हिंदू और सिख अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। आए दिन कट्टरपंथियों की भीड़ मंदिरों पर हमले करती है और मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ करती है। भुट्टो के ट्वीट पर पाकिस्तान की ही दो महिला पत्रकारों ने उन्हें आईना दिखाया और बोलती बंद कर दी।
आप कब करेंगे मंदिरों की रक्षा?
पाकिस्तानी पत्रकार वीनगास ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘अगर हम बोलते हैं तो लोग कहते हैं कि यह बोल रही है। लेकिन कभी-कभी हम उन चीजों को बर्दाश्त नहीं कर सकते जिनका सच से कोई लेना-देना नहीं है। भुट्टो साहब, आपका ट्वीट उर्दू मीडिया और कट्टरपंथी लोगों को खुश कर सकता है, लेकिन यह सच नहीं है। खैर, आपकी सरकार मंदिरों की रक्षा कब करने जा रही है?’
पहले इतिहास पढ़ें, फिर बोलें
वहीं एक दूसरी पत्रकार पिराह मांगी ने कहा, ‘इतिहास की किसी घटना का जिक्र करने से पहले आपको प्राचीन भारतीय इतिहास को पढ़ना चाहिए। भयानक घटनाओं की पूरी सीरीज मौजूद है, कैसे मुस्लिम शासकों ने धर्म के नाम पर मंदिरों की हजारों प्राचीन इमारतों को नष्ट कर दिया। सिंध में ऐतिहासिक मंदिरों को अभी भी नष्ट किया जा रहा है।’ उन्होंने लिखा, ‘क्या आप प्राचीन हिंदू मंदिरों के तोड़े जाने को ‘हिंदूफोबिया’ कहेंगे? प्लीज, चीजों का इस्लामीकरण करने से बचें।’
Compiled: up18 News