आगरा: ताजनगरी की बौद्धिक पहचान और दो शताब्दियों से अधिक पुराने ‘आगरा कॉलेज’ का स्वर्णिम इतिहास अब बड़े पर्दे पर जीवंत होने जा रहा है। आरए मूवीज के बैनर तले इस ऐतिहासिक संस्थान पर एक घंटे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘यह है आगरा कॉलेज’ का निर्माण शुरू हो गया है। सोमवार को कॉलेज परिसर में स्थित गंगाधर शास्त्री भवन के समीप प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विधि-विधान से पूजन कर फिल्म का मुहूर्त शॉट दिया।
इतिहास की धरोहर और राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला
मुहूर्त के अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, जो स्वयं इस कॉलेज के छात्र रहे हैं, ने भावुक होते हुए कहा कि आगरा कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक जीवंत प्रयोगशाला है। इस संस्थान ने भारत के बौद्धिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम के दौरान रिलीज हुए गीत ‘संस्थान नहीं है केवल ये, इतिहास की एक धरोहर है…’ ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।
42501 रुपये से 18 हजार छात्रों तक का सफर
निर्माता रंजीत सामा और निर्देशक हेमंत वर्मा ने बताया कि यह फिल्म उन रोचक तथ्यों को सामने लाएगी जिनसे आज की पीढ़ी अनजान है। फिल्म में दिखाया जाएगा कि कैसे 1823 में महज 42501 रुपये, 15 आना और पांच पैसे की लागत से इस कॉलेज की नींव रखी गई थी। 1826 में जहाँ यहाँ सिर्फ 117 छात्र थे, वहीं आज 18 हजार से अधिक विद्यार्थी यहाँ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
अस्तित्व बचाने का संघर्ष और ऐतिहासिक जुड़ाव
फिल्म में कॉलेज की स्थापना से जुड़ी कहानी भी प्रमुखता से होगी। प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने बताया कि ग्वालियर के राजा दौलतराम सिंधिया द्वारा पंडित गंगाधर शास्त्री को दी गई जागीर से इस कॉलेज के लिए जमीन का मार्ग प्रशस्त हुआ था। 1857 की क्रांति में अपनी भूमिका दर्ज कराने वाले इस कॉलेज को 1880 में अंग्रेजों ने बंद करने की साजिश रची थी, लेकिन ‘बोर्ड ऑफ ट्रस्टी’ ने इसे बचा लिया। हाल ही में कॉलेज की 25 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना भी संस्थान की एक बड़ी उपलब्धि रही है।
दिग्गजों की नर्सरी रहा है यह संस्थान
आगरा कॉलेज ने देश को ऐसी हस्तियां दी हैं जिन्होंने वैश्विक पटल पर भारत का नाम रोशन किया। फिल्म में इन महापुरुषों के योगदान को दर्शाया जाएगा:
राजनीति: पंडित मोतीलाल नेहरू, चौधरी चरण सिंह, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, शंकर दयाल शर्मा, गोविन्द बल्लभ पंत।
सुरक्षा और प्रशासन: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल, कैप्टन भगवान सिंह।
कला और साहित्य: राज बब्बर, अचला नागर, वरिष्ठ पत्रकार शशि शेखर।
कानून और समाज: सर तेज बहादुर सप्रू, पं. केडी पालीवाल, पूरन डावर।
6 महीने में रिलीज का लक्ष्य
निर्माताओं के अनुसार, डॉक्यूमेंट्री का फिल्मांकन अगले 2-3 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा और इसे आगामी 6 महीनों के भीतर रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर, शिक्षाविद और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

