अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम ने नुमाइश मैदान में नमाज की अनुमति और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर एक अत्यंत तीखा और विवादित बयान दिया है। सांसद ने न केवल नमाजियों पर पुष्प वर्षा की मांग को खारिज किया, बल्कि यह भी दावा किया कि सरकारी योजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय को मिल रहा है।
’अतिक्रमण कर बनाई गई हैं बड़ी मस्जिदें’
नुमाइश मैदान में नमाज की अनुमति देने के सवाल पर सांसद ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “सपा के समय में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया और बड़ी-बड़ी मस्जिदों व ईदगाहों का निर्माण हुआ। जब इतनी जगह पहले से उपलब्ध है, तो नुमाइश मैदान की क्या जरूरत है?” उन्होंने हिंदू त्योहारों का उदाहरण देते हुए कहा कि होली-दिवाली घर-घर मनाई जाती है, जबकि नमाज के लिए भीड़ इकट्ठा की जाती है।
लाउडस्पीकर और बच्चों की पढ़ाई का मुद्दा
सांसद सतीश गौतम ने मस्जिदों से होने वाली अज़ान और लाउडस्पीकर के शोर पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “सुबह 4 बजे से शोर शुरू हो जाता है। वर्तमान में बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं और लाउडस्पीकर के कारण उन्हें पढ़ाई में काफी दिक्कतें हो रही हैं। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।”
सरकारी योजनाओं के लाभ पर तीखा हमला
जब सांसद से पूछा गया कि सरकार कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करती है, तो नमाजियों पर क्यों नहीं? इस पर उन्होंने आक्रोशित होते हुए कहा, “सरकार इनके लिए सारी व्यवस्थाएं कर रही है। मुफ्त राशन, मकान और मेडिकल सुविधाएं (AIIMS) सबसे ज्यादा इन्हें ही मिल रही हैं। सरकारी व्यवस्थाओं का सर्वाधिक लाभ उठाने के बाद भी क्या अब ये हमारी छाती पर चढ़ेंगे?”
सतीश गौतम के इस बयान के बाद अलीगढ़ की राजनीति में गरमाहट आ गई है। उनके इस बयान को आगामी चुनावों की ध्रुवीकरण की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

