राहुल और अखिलेश ने बोला हमला: ‘भाजपा राज में लीक ही लीक’, नीट रद्द होने पर भड़के विपक्षी नेता

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लखनऊ: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर चल रहे विवादों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 3 मई को आयोजित परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। पेपर लीक के गंभीर आरोपों और देशव्यापी विरोध के बाद केंद्र सरकार ने न केवल परीक्षा निरस्त की है, बल्कि इस पूरे मामले की गहन जांच का जिम्मा अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। इस फैसले ने परीक्षा में शामिल हुए 22.79 लाख छात्रों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।

अखिलेश यादव का कड़ा प्रहार: “भाजपा का जाना ही समाधान”

परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर आक्रोश व्यक्त करते हुए  लिखा, ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी। इस समाचार से लाखों बच्चों और उनके करोड़ो परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुध्द बेहद आक्रोश और हताशा है। जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी। जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा होती रहेगी लीक, भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली होगी ठीक। भाजपा सरकार मतलब नाकाम सरकार!

राहुल गांधी ने बताया ‘युवाओं के भविष्य के साथ अपराध

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि, NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी माँ ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।

उन्होंने आगे कहा, हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।

जांच के घेरे में ‘पेपर माफिया’

सरकार के इस फैसले के बाद अब लाखों छात्रों को एक बार फिर उसी मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ से गुजरना होगा। सीबीआई जांच के आदेश से उम्मीद जगी है कि पेपर लीक के पीछे सक्रिय संगठित गिरोह का पर्दाफाश होगा, लेकिन फिलहाल छात्रों के सामने अपनी तैयारी और भविष्य को लेकर गहरा संकट खड़ा हो गया है।