फिल्म ’83’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और धमाल मचा रही है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच फैन्स खुद को रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस देखने के लिए रोक नहीं पा रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर भी इसका जादू चल रहा है। पहले दिन कबीर खान की इस मूवी ने 14 करोड़ कमा लिए हैं।
आम जनता के अलावा सेलेब्स भी इस फिल्म की खूब तारीफ कर रहे हैं। 1983 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम के साथ जो कुछ घटा, इस फिल्म ने वह यादें ताजा कर दीं। रणवीर सिंह, साकिब, ताहिर के अलावा पंकज त्रिपाठी भी अपने अभिनय के लिए खूब प्रशंसा बटोर रहे हैं। वैसे तो पंकज त्रिपाठी टीम इंडिया के मैनेजर पीआर मान सिंग का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन असल में इन्हें इंडिया की जीत का पता कब चला, वह जानना थोड़ा इंट्रेस्टिंग है।
बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक पंकज त्रिपाठी बताते हैं कि उन्होंने पीआर मान सिंह को अच्छी तरह जानने के लिए उनके साथ समय बिताया। उनके साथ हैदराबाद वाले घर गए। उन्हें अपने हाव भाव पर ज्यादा काम करना नहीं पड़ा। बस पुरानी कुछ तस्वीरें और वीडियो देखे और काम बन गया।
‘मैंने मान सिंह की बॉडी लैंग्वेज से ज्यादा उनके विचारों को कैप्चर किया क्योंकि किसी व्यक्ति का विचार हम देख नहीं सकते लेकिन वही उसकी प्रेरक शक्ति होती है।’
पंकत्र त्रिपाठी ने बताया कि वह स्पोर्ट्स के फैन नहीं हैं इसलिए उन्हें पीआर मान सिंह के बारे में बहुत कम जानकारी थी, लेकिन जब कबीर खान ने बताया तब उन्हें जानकारी हुई। एक्टर ने बताया उन्हें भारत वर्ल्ड कप जीत चुका है, इसके बारे में ही चार साल बाद पता चला था।
‘मुझे 1988 में पता चला कि इंडिया 1983 में वर्ल्ड कप जीत चुका है। मैं उस समय 7-8 साल का रहा होउंगा, तब तो हम लोग गांव में गिल्ली डंडा खेलते थे। इतना ही पता था कि लंदन में इंडिया ने इतिहास रच दिया है।’
पंकज त्रिपाठी ने कहा कि वह ये बात जानकर हैरान थे कि उस समय टीम में 14 खिलाड़ी और एक पीआर मान सिंह थे। सिर्फ यही 15 लोग वर्ल्ड कप के लिए गए थे। इनके अलावा कोई और नहीं गया था। सभी को अपना-अपना सामान खुद ही उठाना था और उसे लेकर ट्रैवल करना होता है जबकि आज के वक्त में तो सभी के साथ एक-एक असिस्टेंट होता है। उनका कहना है कि अब और तब के खेल में काफी कुछ बदल गया है।
-एजेंसियां