आगरा। ताजनगरी की पुलिस कमिश्नरेट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने सोशल मीडिया पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया। युवक ने एक पुलिस इंस्पेक्टर पर अपनी पत्नी से कथित अवैध संबंधों और खुद के एनकाउंटर की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। युवक ने दावा किया कि उसके पिता पहले ही अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई होने के बजाय उसे एनकाउंटर की धमकी दी जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस पोस्ट ने पुलिस विभाग में खलबली मचा दी है। युवक ने अपनी पोस्ट में न केवल इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, बल्कि अपने पिता द्वारा अधिकारियों को दिए गए शिकायत पत्र को भी सार्वजनिक कर दिया। मामला अब पुलिस महकमे से निकलकर सोशल मीडिया और शहर की चर्चाओं का बड़ा विषय बन गया है।
फेसबुक पोस्ट और धमकियों का दावा
फेसबुक पर डाली गई पोस्ट में युवक ने लिखा कि उसकी पत्नी और एक इंस्पेक्टर के बीच बेहद मधुर संबंध हैं। उसने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की शिकायत उसके पिता पहले ही अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।
युवक ने पोस्ट में लिखा कि यदि उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उसका एनकाउंटर किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी की होगी।
बताया जा रहा है कि जिस इंस्पेक्टर का नाम पोस्ट में लिया गया है, वह इस समय पूर्वी जोन के एक थाने में तैनात हैं और इससे पहले नगर जोन के दो थानों में भी प्रभारी रह चुके हैं।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
युवक ने फेसबुक पोस्ट के साथ अपने पिता द्वारा पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रार्थना पत्र भी साझा किया है। इस पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि संबंधित इंस्पेक्टर ने कथित षड्यंत्र के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फर्जी आईडी बनवाई और उसके जरिए आपत्तिजनक तथा भ्रामक पोस्ट प्रकाशित कराई गईं। इसके बाद युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया, जिसे परिवार ने पूरी तरह फर्जी और निराधार बताया है।
परिवार का आरोप है कि युवक का उस आईडी या पोस्ट से कोई लेना-देना नहीं है और उसे जानबूझकर फंसाया गया है।
सरकारी आवास पर उपस्थिति
युवक के पिता द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि युवक की पत्नी अक्सर संबंधित इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर मौजूद रहती है।
परिवार ने दावा किया है कि थाने और कोतवाली परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।
इतना ही नहीं, युवक के पिता ने बहू के मोबाइल नंबर तथा इंस्पेक्टर के निजी और सीयूजी नंबर की कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग भी अधिकारियों से की है।
मोबाइल पर कब्जा
परिवार ने यह आरोप भी लगाया है कि युवक का मोबाइल फोन संबंधित इंस्पेक्टर के कब्जे में है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि उसी मोबाइल का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाई गई और फिर युवक को साजिशन मुकदमे में फंसा दिया गया।
परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजे जाने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवादित पोस्ट आखिर किसने बनाई और संचालित की।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में अंदरखाने हलचल तेज हो गई है। मामला सीधे एक इंस्पेक्टर के नाम से जुड़ा होने के कारण अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं।
हालांकि अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस की जांच पूरी हुई है। लेकिन जिस तरह से फेसबुक पोस्ट, शिकायत पत्र और कथित धमकियों की बातें सामने आई हैं, उसने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
जांच के घेरे में इंस्पेक्टर
मामले में डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि पूरे प्रकरण की जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिकायत और सोशल मीडिया पोस्ट के सभी तथ्यों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में संबंधित इंस्पेक्टर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें पुलिस विभाग, सोशल मीडिया, कथित साजिश, फर्जी आईडी और एनकाउंटर की धमकी जैसे गंभीर आरोप भी जुड़ चुके हैं।


