आगरा। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने के नौ गौरवमयी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चैम्बर के पदाधिकारियों ने जहां जीएसटी दिवस की शुभकामनाएं दीं, वहीं उद्योग एवं व्यापार जगत की धरातलीय समस्याओं को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष रखा।
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष एवं जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल के नेतृत्व में प्रधान आयुक्त सुरक्षा कटियार के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस दौरान आयरन स्क्रैप कारोबार की व्यावहारिक समस्याओं, जीएसटी में फर्जी क्लेम के बढ़ते मामलों, कर दरों में कटौती की आवश्यकता और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) जैसी जटिल व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की गई। बैठक में जीएसटी की नौ वर्षीय यात्रा, कर प्रणाली में अब तक हुए सुधारों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में उठाए गए कदमों का विश्लेषण किया गया।
चैम्बर सभागार में आयोजित इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष एवं जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल तथा पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार गोयल ने सभी करदाताओं, उद्योगपतियों और व्यापारियों को जीएसटी दिवस की बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रधान आयुक्त के साथ हुई विस्तृत चर्चा
जीएसटी दिवस के गरिमामयी अवसर पर पूर्व अध्यक्ष एवं जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल ने प्रधान आयुक्त सुरक्षा कटियार, अतिरिक्त आयुक्त अजय मिश्रा तथा संयुक्त आयुक्त पंकज सक्सेना के साथ गहन बैठक की। इस चर्चा में जीएसटी व्यवस्था से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं और कर सुधारों के लिए आवश्यक सुझावों को विस्तार से रखा गया।
’एक राष्ट्र-एक कर’ व्यवस्था: एक ऐतिहासिक सुधार
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान आयुक्त सुरक्षा कटियार ने जीएसटी के नौ वर्षों के सफर का खाका खींचा। उन्होंने कर प्रणाली में हुए क्रमिक सुधारों, डिजिटल अनुपालन की बढ़ती प्रवृत्ति, करदाताओं के लिए शुरू की गई ऑनलाइन सुविधाओं और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए किए गए सरकारी प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीएसटी ने पूरे देश में ‘एक राष्ट्र-एक कर, एक बाजार’ की अवधारणा को एक ठोस और मजबूत आधार दिया है। साथ ही, उन्होंने सभी व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से समय पर रिटर्न दाखिल करने, सटीक कर भुगतान सुनिश्चित करने और स्वैच्छिक अनुपालन को निरंतर बढ़ावा देने की अपील की।
आयरन स्क्रैप कारोबार की समस्याएं उठाईं
बैठक में अमर मित्तल ने विशेष रूप से आयरन स्क्रैप व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों और व्यापारियों के समक्ष आ रही गंभीर व्यावहारिक दिक्कतों को उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस उद्योग में लंबे समय से जटिलताएं व्याप्त हैं, जिनका समयबद्ध समाधान अत्यंत आवश्यक है, ताकि कारोबार की गति बाधित न हो।
फर्जी जीएसटी क्लेम पर जताई चिंता
चैम्बर की ओर से जीएसटी व्यवस्था में बढ़ते फर्जी क्लेम के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अमर मित्तल ने कहा कि ऐसे अनैतिक मामलों पर लगाम लगाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि ईमानदार करदाताओं को बिना किसी कारण के परेशानियों का सामना न करना पड़े और संपूर्ण कर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
जीएसटी दरों में कमी और रिवर्स चार्ज पर भी उठाई मांग
चैम्बर प्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों में जीएसटी की वर्तमान दरों में तर्कसंगत कमी करने की मांग भी रखी। उनका तर्क था कि यदि कर दरों में व्यावहारिक संशोधन किया जाता है, तो इससे उद्योग एवं व्यापार को नई गति मिलेगी और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) का लक्ष्य और अधिक प्रभावी होगा। इसके अतिरिक्त, रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के कारण आ रही कठिनाइयों से भी प्रधान आयुक्त को अवगत कराया गया और इस व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने का पुरजोर अनुरोध किया गया।


