बसंत पंचमी पर प्रयागराज में आस्था का ज्वार: संगम में उमड़ा जनसैलाब, सुबह 8 बजे तक 1.04 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

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प्रयागराज: माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व बसंत पंचमी पर संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। शुक्रवार तड़के से ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे तक ही 1.04 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन का अनुमान है कि सूर्यास्त तक यह संख्या कहीं अधिक बढ़ सकती है।

रात से ही जुटने लगी थी भीड़

स्नान का सिलसिला गुरुवार मध्यरात्रि के बाद से ही शुरू हो गया था। श्रद्धालु “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष के साथ घाटों की ओर बढ़ते नजर आए। प्रयागराज मेला अथॉरिटी के अनुसार, भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे मेला क्षेत्र में विशेष रूट डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

धार्मिक महत्व और परंपरा

तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा के अनुसार, माघ मास की पंचमी तिथि को मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। संगम तट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पीली वस्तुओं का दान किया और मां सरस्वती की आराधना की। संगम का पूरा तट आज पीले वस्त्रों और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।

प्रशासनिक व्यवस्थाएं

सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है। जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें भी घाटों पर मुस्तैद रहीं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।