आगरा: केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने केंद्रीय बजट 2026-27 का जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट लोकलुभावन वादों के बजाय दीर्घकालिक निवेश और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।
महंगाई को लेकर दूर किया भ्रम
आम आदमी की चिंताओं को दूर करते हुए प्रो. बघेल ने कहा कि इस बजट का रोजमर्रा की महंगाई पर कोई सीधा असर नहीं होगा। उन्होंने तकनीकी स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “सस्ता-महंगा तय करने वाले एक्साइज और सर्विस टैक्स अब बजट का हिस्सा नहीं हैं। ये जीएसटी (GST) के दायरे में आते हैं, जिसकी व्यवस्था अलग है।”
लेदर और फुटवियर उद्योग के लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’
आगरा जैसे शहरों के लिए बजट की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए उन्होंने कहा कि आईजीसीआर (IGCR) योजना का विस्तार किया गया है। अब जूते के ‘अपर’ के निर्यात के लिए बिना ड्यूटी आयात की सुविधा मिलेगी। यह फुटवियर उद्योग की वर्षों पुरानी मांग थी, जिससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
वित्तीय अनुशासन और निवेश
केंद्रीय मंत्री ने वित्तीय घाटे को 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने के सरकार के फैसले को साहसिक बताया। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सार्वजनिक निवेश से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई उड़ान मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रो. एसपी सिंह बघेल के अनुसार, यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

