शंकराचार्य पर FIR करने वाला प्रेमानंद महाराज को भी बना चुका है निशाना, दिनेश फलाहारी महाराज ने PM मोदी से की CBI जांच की मांग

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मथुरा। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद अब संत समाज उनके बचाव में उतर आया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मुकदमा दर्ज कराने वाला आशुतोष महाराज खुद एक शातिर अपराधी और ‘हिस्ट्रीशीटर’ है। फलाहारी बाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जांच नहीं हुई, तो वे ‘इच्छा मृत्यु’ धारण करेंगे।

‘प्रेमानंद महाराज को भी कर चुका है ब्लैकमेल’

फलाहारी महाराज ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष पांडेय) शामली थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और उसका भाई भी गैंगस्टर रह चुका है। उन्होंने दावा किया कि यह व्यक्ति पहले वृंदावन के विख्यात संत प्रेमानंद महाराज पर भी पैसे ऐंठने की नीयत से झूठे आरोप लगा चुका है।

Z प्लस सुरक्षा के लिए ‘खुद पर हमला’ और ‘पाक कॉल’ का नाटक

फलाहारी बाबा के अनुसार, आशुतोष पांडेय बेहद शातिर है। वह जेड प्लस सुरक्षा पाने के लिए खुद पर जानलेवा हमले का नाटक रचने और पाकिस्तान से फर्जी धमकी भरे कॉल करवाने में माहिर है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य जैसे उच्च पदस्थ संत को पॉक्सो एक्ट (POCSO) में फंसाने का यह पूरा षड्यंत्र केवल प्रसिद्ध होने या मोटी रकम ऐंठने के लिए रचा गया है।

सनातन धर्म की छवि खराब करने की साजिश

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में फलाहारी महाराज ने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने मांग की है कि न केवल शंकराचार्य जी पर लगे आरोपों की, बल्कि स्वयं आशुतोष ब्रह्मचारी के दर्जनों आपराधिक केसों की भी गहन सीबीआई जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि आशुतोष ने प्रयागराज में शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है, जिसके बाद से पूरे देश में धार्मिक और राजनीतिक गलियारे गरमाए हुए हैं।