आगरा। आगरा किला की प्राचीरें भगवा ध्वजों, ढोल-नगाड़ों और “जय भवानी, जय शिवाजी” के नारों से गूंज उठीं, जब छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती पर भव्य समारोह आयोजित हुआ। अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान की ओर से हुए इस कार्यक्रम में मराठी शौर्य, स्वाभिमान और स्वराज के विचार केंद्र में रहे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किले से शिवाजी महाराज को नमन करते हुए कहा कि वे सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि सुशासन और सम्मान की विचारधारा हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया और घोषणा की कि कोठी मीना बाजार में शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक और संग्रहालय बनाया जाएगा।
गुरिल्ला रणनीति पर विशेष जोर
कार्यक्रम का केंद्रीय विषय शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्धनीति रहा। वक्ताओं ने कहा कि औरंगजेब की विस्तारवादी नीति के सामने शिवाजी की रणनीति ने निर्णायक भूमिका निभाई। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विनोद पाटिल ने कहा कि आधुनिक सैन्य रणनीतियों में भी शिवाजी की तकनीक की झलक मिलती है। उन्होंने उनकी वीरगाथा को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी रखी।
दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, कई गणमान्य मौजूद
समारोह का शुभारंभ शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और सांसद नवीन जैन सहित कई अतिथि मौजूद रहे।
कोठी मीना बाजार में बनेगा स्मारक
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जयपुर हाउस क्षेत्र, जिसे आज कोठी मीना बाजार के नाम से जाना जाता है, ऐतिहासिक दृष्टि से अहम स्थल है। यहां प्रस्तावित स्मारक-संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह स्थल ताजमहल आने वाले पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण बन सकता है।
नीयन-लेजर शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुणे के विवेक इसे पाटिल का नीयन लाइट और लेजर शो रहा, जिसमें शिवाजी महाराज के जीवन के प्रमुख प्रसंगों को तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया गया। जन्म से लेकर अफजल खान वध तक की घटनाएं दृश्य-श्रव्य माध्यम से दिखाई गईं।
सांस्कृतिक संध्या में मराठी स्वागत गीत, पारंपरिक लोरी, “गर्जा महाराष्ट्र माझा” और पोवाड़ा की प्रस्तुतियों ने माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा। कलाकारों की नृत्य-नाटिका के दौरान किला जयघोष से गूंजता रहा। मंच संचालन अभिनेत्री श्रेया बुगड़े ने किया।
मराठी परंपरा में स्वागत, विदेशी पर्यटक भी शामिल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का स्वागत मराठी पगड़ी पहनाकर किया गया। मराठी वेशभूषा में सजे कलाकारों के साथ अतिथि और विदेशी पर्यटक भी ताल पर झूमते नजर आए। पूरा परिसर भगवा ध्वजों और रोशनी से सजा रहा।
हजारों की मौजूदगी, लाखों ने देखा लाइव
करीब तीन हजार लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। वहीं फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और विभिन्न न्यूज चैनलों के माध्यम से लाखों दर्शकों ने लाइव प्रसारण देखा। डिजिटल आतिशबाजी और प्रकाश-सज्जा के साथ राष्ट्रगीत के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस मौके पर दीपक सक्सेना, सुरेखा चौधरी, अमर लोखंडे, अंकित मित्तल, सौरभ शुक्ला, चंद्रकांत पाटिल, राघवेंद्र सिंह और प्रशांत हुरने सहित कई लोग उपस्थित रहे।

