आगरा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फतेहाबाद क्षेत्र में साठ लोगों की जान उस समय जोखिम में पड़ गई जब एक बस में आग लग गए। समय रहते सभी यात्री बस से बाहर आ गए, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
जिस बस में आग लगी है, वह स्लीपर बस है और दिल्ली की तरफ से आ रही थी। तेजी से दौड़ती बस में अचानक आग लगने पर ड्राइवर ने बस को एक किनारे लगा दिया और सभी यात्रियों से बस से उतरने को कहा। बस में आग लगने की बात सामने आने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। तत्काल सभी यात्री बस से बाहर आ गए। उधर देखते ही देखते पूरी बस में आग फैल गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जब तक मौके पर पहुंचीं, बस जलकर खाक हो चुकी थी।
एक्सप्रेस पर हुए इस हादसे की वजह से ट्रैफिक भी बाधित हुआ क्योंकि जलती हुई बस के बराबर से निकलने में वाहन चालक डर रहे थे। बाद में पुलिस ने ट्रैफिक को सामान्य कराया।
पुलिस के अनुसार यह पंजाब से बिहार जा रही थी। फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की माइलस्टोन 21 में पर टोल प्लाजा के नजदीक बस में आग लगी। बस में रखा कुछ सवारियों का सामान भी खाक हो गया।
यूपी22 टी 0505 नंबर की यह बस फतेहगढ़ी कंपनी की प्राइवेट स्लीपर बस है जो खन्ना, पंजाब से बिहार के सुपौल जा रही थी। चालक अमरीक सिंह पुत्र नक्षत्र सिंह निवासी ग्राम सिक्खूवासी थाना लाहिरी गगाई जिला संगरूर, पंजाब इसे चला रहा था। बस में 60 से अधिक सवारियां थीं।
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि बस के टायर गर्म हो गये थे। टायरों से धुआं निकलना शुरू हुआ था। किलोमीटर 21 पर बस से सभी सवारियां बाहर निकल आईं। सामान भी बाहर निकाल लिया गया, किन्तु फिर भी 4-5 सवारियों का सामना बस में ही रह गया था।
चालक ने बस के टायर पर पानी डाल कर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन बुझाई नहीं जा सकी। आगरा से फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आकर आग बुझाई। चालक को चौकी लुहारी प्रभारी पृथ्वीराज यादव द्वारा थाना फतेहाबाद भेजा गया है। पुलिस ने सवारियों के लिए चाय पानी की व्यवस्था भी की।
सूचना पर यूपीडा 6 एवं 5, पीआरवी यूपीडा एम्बुलेंस के साथ सुरक्षा अधिकारी राधा मोहन सिंह, सोबरन सिंह, सुधीश कुमार शुक्ला, आरजीबीईएल सेफ्टी टीम एवं क्रेन, हाइड्रा, आगरा से फायर टेंडर लेकर पहुंच गए थे।