यूजीसी एक्ट पर संग्राम: करणी सेना अध्यक्ष ने आगरा डीएम को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन, डॉ. राज शेखावत ने एक्ट को बताया असंवैधानिक

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आगरा। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एत्मादपुर पहुँचकर केंद्र सरकार के ‘यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026’ के खिलाफ हुंकार भरी। उन्होंने इस कानून को सामान्य वर्ग (सवर्ण समाज) के खिलाफ एक साजिश करार देते हुए कहा कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकारों (अनुच्छेद 14, 15 और 21) का खुला उल्लंघन है।

बीजेपी को वोट न देने की शपथ और ‘मौन’ पर प्रहार

डॉ. शेखावत ने मंच से उपस्थित जनसैलाब को आगामी चुनावों में भाजपा को वोट न देने की शपथ दिलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक्ट की विसंगतियों पर भेजे गए लिखित सुझावों पर अब तक ‘मौन’ साध रखा है। उन्होंने कहा, “जब यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे दे रखा है, तब भी सरकार का स्पष्ट रुख न अपनाना संदेहास्पद है।”

8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन

आंदोलन को धार देते हुए डॉ. शेखावत ने घोषणा की कि 8 मार्च को ‘सवर्ण समाज समन्वय समिति’ के बैनर तले दिल्ली के रामलीला मैदान में देशव्यापी विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि देशभर से सवर्ण समाज के लोग इस दमनकारी एक्ट के विरोध में दिल्ली पहुंचेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

जिलाधिकारी को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

कार्यक्रम के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आगरा को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 को तत्काल वापस लेने और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पदाधिकारियों ने साफ किया कि यह लड़ाई किसी जाति के विरोध में नहीं, बल्कि समान अवसरों की प्राप्ति के लिए है।