लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पहली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं। सूची में नाम न होने या त्रुटि की स्थिति में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एसआईआर के बाद राज्य में कुल 12.55 करोड़ मतदाता शेष हैं, जबकि इससे पहले यह संख्या 15.44 करोड़ थी। यानी पहले चरण के बाद 2.89 करोड़ नाम सूची से हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 18 प्रतिशत है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और आपत्ति के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। दावे-आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक तय की गई है। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी। मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 भी जारी किया गया है।
निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, पुराने रिकॉर्ड में दर्ज मतदाताओं में से करीब 81 प्रतिशत लोगों या उनके परिजनों ने सत्यापन प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर लौटाए, जबकि शेष 18 प्रतिशत से फॉर्म वापस नहीं मिले। आंकड़ों के मुताबिक, 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, 2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित (शिफ्ट) हो चुके थे और 25.47 लाख नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। इन्हीं कारणों से 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके।
पहले चरण की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी, जिसमें बीएलओ ने घर-घर जाकर सत्यापन किया। यह चरण पहले 4 दिसंबर तक निर्धारित था, जिसे बाद में विपक्ष की मांग पर बढ़ाया गया। इस दौरान 2003 की मतदाता सूची से तुलना कर वर्तमान मतदाताओं की मैपिंग की गई।
जिलावार आंकड़ों में लखनऊ में करीब 30 प्रतिशत नाम कटे—जहां मतदाताओं की संख्या 39,94,535 से घटकर 27,94,397 रह गई। बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत मतदाता सूची से हटे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2008 से पहले जन्मे पात्र नागरिक दावे कर सकते हैं। इसके अलावा 1 अक्टूबर से पात्रता पूरी करने वाले नए मतदाता भी आवेदन कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रों में कम सहभागिता को देखते हुए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराकर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें।

