वाराणसी की ‘ज्ञानवापी’ के समाधान पर सीएम योगी ने कहा, अगर उसे मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा

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इंटरव्यू के इस हिस्से में योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि ज्ञानवापी मस्जिद काशी विश्वनाथ मंदिर मामले में क्या समाधान हो सकता है?

इस पर योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया, ”अगर उसको मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा. मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे न. त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है?”

योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘‘त्रिशूल हमने तो नहीं रखा न. ज्योतिर्लिंग है. देव प्रतिमाएं हैं. पूरी दीवारें चिल्ला-चिल्ला कर क्या कह रही हैं.”

मुसलमान समाज से योगी आदित्यनाथ कहते हैं, ”मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि साहब ऐतिहासिक गलती हुई है और उस गलती के लिए हम समाधान चाहते हैं.”

एक दिन पहले ही सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी ज्ञानवापी मस्जिद पर प्रतिक्रिया दी थी.

मौर्य ने कहा था- ‘‘हर मस्जिद में मंदिर खोजने की परंपरा बीजेपी को भारी पड़ेगी, ऐसा करेंगे तो लोग हर मंदिर में बौद्ध मठ खोजेंगे.”

कुछ दिन पहले वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे किए जाने का आदेश दिया था.

इस आदेश के बाद बीते सोमवार को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था. इस सर्वे में मुस्लिम पक्ष के लोग शामिल नहीं हुए थे.

इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सर्वे पर रोक लगाई और मुस्लिम पक्ष से इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के लिए कहा.

हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई की और फ़ैसला तीन अगस्त को सुनाने के लिए कहा था. ज्ञानवापी पर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये एक शिव मंदिर है और अंदर शिवलिंग है. मुस्लिम पक्ष इससे इंकार करता है और कहता है कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वो फव्वारा है.

Compiled: up18 News


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