ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सख्त, जाति-आधारित राजनीति को बताया अनुशासन के खिलाफ

Regional

मथुरा। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर उठे सियासी सवालों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कड़ा संदेश सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहले शनिवार को वे वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।

लखनऊ में हुई भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर पूछे गए सवाल के जवाब में पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि भाजपा सर्वसमाज की पार्टी है और किसी भी तरह की जाति-आधारित बैठक पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संविधान और पार्टी की परंपराएं इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं देतीं। इसी कारण संबंधित जनप्रतिनिधियों से बात कर उन्हें भविष्य में ऐसी बैठकों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में कुशीनगर से भाजपा विधायक पी.एन. पाठक के आवास पर ब्राह्मण विधायकों और नेताओं की एक बैठक हुई थी, जिसमें विभिन्न दलों से जुड़े 35–40 ब्राह्मण नेताओं की मौजूदगी बताई गई। बैठक में ब्राह्मण समाज की कथित उपेक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।

प्रदेश अध्यक्ष ने विधायकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि नकारात्मक या जाति-आधारित राजनीति से दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। पार्टी के सिद्धांतों और आदर्शों के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि भाजपा किसी विशेष जाति या वर्ग की नहीं, बल्कि विचारधारा और सिद्धांतों की राजनीति करती है।

पंकज चौधरी ने आगे कहा कि पार्टी परिवारवाद या वर्ग विशेष की राजनीति में विश्वास नहीं करती। सभी जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां सामने आती हैं, तो उसे अनुशासनहीनता मानते हुए पार्टी संविधान के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पार्टी की विचारधारा पर जोर

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति विविधता, लोकतंत्र और विकास पर आधारित है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति के सामने विपक्ष की जाति-आधारित राजनीति कमजोर पड़ती जा रही है।