​अधिकारियों को पहना दिए थे पेटीकोट-चूड़ियां….मंत्री से भिड़े बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल, अपनी ही सरकार को दी चुनौती

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महोबा। उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले चरखारी से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने एक बार फिर विवादित बयान देकर हड़कंप मचा दिया है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ चल रही तनातनी के बीच विधायक ने अपना “पुराना रौद्र रूप” याद दिलाते हुए अधिकारियों और विपक्षी नेताओं को खुलेआम चेतावनी दी है।

​’कमरे में नहीं, सड़क पर होगा हिसाब’

हाल ही में मंत्री का काफिला बीच सड़क पर रोकने वाले विधायक ब्रजभूषण ने अनुशासन की दुहाई देने वालों को दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा ​”किसी को बंधक बनाना मेरे लिए मामूली बात है। मैंने तो कांग्रेस सरकार के समय केंद्रीय मंत्री को बंधक बना लिया था। अधिकारियों को चूड़ियां और पेटीकोट तक पहनाए थे। मैं तो बीजेपी में आने के बाद अनुशासित हो गया हूं, लोगों ने मेरा पहले वाला रूप नहीं देखा है।”

​मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से आर-पार की जंग

यह पूरा विवाद 30 जनवरी को तब शुरू हुआ जब विधायक ने 100 से अधिक ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोक लिया था। विधायक की नाराजगी जल जीवन मिशन और नमामि गंगे योजनाओं को लेकर है। उनका आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर 6 साल से सड़कें खोदी पड़ी हैं, न सड़क बनी और न पानी पहुंचा।

20 दिन का अल्टीमेटम: ‘विकास की बात बंद कमरों में क्यों?’

मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जब विधायक को सर्किट हाउस (कमरे) में मिलने की सलाह दी, तो ब्रजभूषण ने तंज कसते हुए कहा कि विकास की बात जनता के बीच होती है, बंद कमरों में नहीं। उन्होंने सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया है। विधायक का कहना है कि यदि सड़कों की मरम्मत और पानी की समस्या हल नहीं हुई, तो वे दोबारा घेराव करेंगे।

बीजेपी की आंतरिक कलह आई सामने

विधायक का यह तेवर न केवल अधिकारियों बल्कि अपनी ही पार्टी के मंत्रियों के लिए सिरदर्द बन गया है। जहाँ विपक्ष (सपा-कांग्रेस) इसे बीजेपी की “असली तस्वीर” बता रहा है, वहीं जिले में “विधायक बनाम मंत्री” की यह जंग पार्टी के अनुशासन पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।