सहारा शहर से हटेगा कब्जा, गूँजेगी लोकतंत्र की आवाज: 245 एकड़ में बनेगा यूपी का नया विधानभवन

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर स्थित सहारा सिटी की जमीन पर नए विधानभवन के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। शासन के निर्देश पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने परियोजना के लिए कंसल्टेंट चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों के मुताबिक सहारा सिटी में एलडीए अपने हिस्से की 75 एकड़ जमीन पहले ही अपने कब्जे में ले चुका है। वहीं सितंबर में नगर निगम ने लीज निरस्त कर 170 एकड़ जमीन वापस ले ली थी। इस तरह कुल 245 एकड़ जमीन अब उपलब्ध है, जिस पर नया विधानभवन बनाने की योजना आगे बढ़ाई जा रही है।

पैमाइश पूरी, आगे डीपीआर की तैयारी

जमीन की पैमाइश कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उच्च स्तर पर इस स्थान पर विधानभवन निर्माण को लेकर सहमति बन चुकी है। अब कंसल्टेंट के जरिए डीपीआर और डिजाइन तैयार कराने की प्रक्रिया होगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में औपचारिक कार्रवाई जारी है।

लंबे समय से चल रही थी तलाश

सूत्रों के अनुसार सरकार कई वर्षों से करीब 200 एकड़ जमीन की तलाश में थी। सहारा सिटी में नगर निगम और एलडीए की जमीन मिलाकर 245 एकड़ का बड़ा भूखंड उपलब्ध है। यह स्थान कनेक्टिविटी और पहुंच के लिहाज से भी उपयुक्त माना जा रहा है, इसलिए इसे प्राथमिकता दी गई है।

नए भवन से ट्रैफिक दबाव होगा कम

नए विधानभवन के बनने से वीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले ट्रैफिक प्रतिबंधों से राहत मिलने की उम्मीद है। मौजूदा विधानभवन के आसपास पार्किंग की समस्या भी बड़ी है, जिससे सड़कों पर वाहन खड़े रहते हैं और जाम की स्थिति बनती है। नए परिसर में बेहतर पार्किंग और यातायात व्यवस्था संभव होगी।

हजरतगंज क्षेत्र को मिलेगा फायदा

वर्तमान विधानभवन हजरतगंज और लालबाग जैसे व्यस्त इलाकों के बीच है, जहां अस्पताल और स्कूल भी बड़ी संख्या में हैं। वीआईपी आवाजाही के समय यातायात रोकने से लोगों को दिक्कत होती है। नया विधानभवन बनने पर यह दबाव घटेगा और हजरतगंज क्षेत्र को पर्यटन और शहरी विकास के लिहाज से बेहतर ढंग से विकसित किया जा सकेगा।