लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महोबा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने सियासी माहौल गर्मा दिया है। जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों को लेकर विधायक ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए, जिस पर मंत्री और विधायक के बीच जमकर बहस हुई। मामला सामने आते ही विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया।
इस घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरते हुए तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह “महा समाचार” है, जहां भाजपा के विधायक ने अपनी ही सरकार के मंत्री को बंधक बना लिया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बदहाल सड़कें, गांवों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर जनता में नाराजगी है, जिसे विधायक ने मंत्री के सामने उठाया।
अखिलेश यादव ने लिखा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं, बल्कि उसके डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और विधायक जनता और विकास के काम छोड़कर पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे हैं। यही वजह है कि अब जनता के गुस्से से बचने के लिए वे एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के मंत्री को इस तरह घेरना इस बात का संकेत है कि भाजपा के विधायक आगामी चुनावों में हार तय मान रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह घटना किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की लगभग हर विधानसभा में यही हालात हैं। अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिलेंगे और पार्टी की सत्ता अब “पटरी से उतर चुकी है।”

