तेहरान/लखनऊ: ईरान की सरकारी मीडिया ने अंततः पुष्टि कर दी है कि देश के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई है। शनिवार, 28 फरवरी 2026 की सुबह तेहरान स्थित उनके आधिकारिक परिसर (कंपाउंड) को निशाना बनाकर किए गए इस हमले ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है।
ईरान में थमा जनजीवन: 7 दिनों का सार्वजनिक अवकाश
खामेनेई की मौत के बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों के पूर्ण सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। शिया जगत के सबसे शक्तिशाली नेता माने जाने वाले खामेनेई के निधन से ईरान की सत्ता संरचना में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जिसकी भरपाई करना भविष्य के लिए बड़ी चुनौती होगी।
भारत के शिया समाज में मातम, मौलाना कल्बे जवाद का तीखा प्रहार
भारत में भी इस खबर के बाद शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। लखनऊ के प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “इंसानियत का बड़ा नुकसान” बताया है।
”ट्रंप और नेतन्याहू ने अपने डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। अल्लाह उन्हें सज़ा देगा। ये कायरों की हरकत है जिन्होंने एक ऐसे लीडर को शहीद कर दिया जो दबे-कुचलों की आवाज थे। हमने तीन दिन के शोक का आह्वान किया है और आज रात 8 बजे लखनऊ में कैंडललाइट मार्च निकाला जाएगा।” – मौलाना कल्बे जवाद
ऑपरेशन की कड़ियाँ: 28 फरवरी की वह सुबह
यह हमला अमेरिकी इंटेलिजेंस और इजरायली वायुसेना के सटीक तालमेल का परिणाम बताया जा रहा है। तेहरान के जिस सुरक्षित इलाके में खामेनेई का निवास था, उसे भारी बमबारी से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। शुरुआती दावों के बाद अब ईरानी मीडिया की आधिकारिक पुष्टि ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया है।

