​”विश्व को आकार दे रहा भारत”: अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में होगा ब्लूमबर्ग का महा-सम्मेलन, पीएम मोदी ने जताया उत्साह

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नई दिल्ली। भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक ताकत को एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। प्रतिष्ठित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम’ का आयोजन पहली बार भारत में होने जा रहा है। 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के नीति-निर्माता, उद्योगपति और विचारक जुटेंगे।

“अ वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लिवर्स ऑफ पॉवर”

इस वर्ष के फोरम की थीम “अ वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लिवर्स ऑफ पॉवर” रखी गई है। इसमें वैश्विक शक्ति संतुलन, उभरती तकनीक (Emerging Tech), ऊर्जा संक्रमण, पूंजी प्रवाह और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) जैसी चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय हस्तियां हिस्सा लेंगी।

​भारत की नई आर्थिक ऊर्जा का केंद्र

​प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आयोजन पर गर्व जताते हुए कहा, “भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर है। हमारा देश केवल एक निवेश गंतव्य (Investment Destination) नहीं, बल्कि वैश्विक भविष्य को आकार देने वाला एक विश्वसनीय भागीदार बन चुका है।” प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह फोरम दुनिया को भारत की नई आर्थिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का साक्षी बनाएगा।

​भारत क्यों है आदर्श गंतव्य?

ब्लूमबर्ग एलपी और ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज़ के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग ने इस निर्णय के पीछे के कारण स्पष्ट करते हुए कहा, “भारत आज नवोन्मेष (Innovation), निवेश और वैश्विक सप्लाई चेन का केंद्रीय स्तंभ है। नई दिल्ली विचारों के आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारियों के लिए विश्व का सबसे आदर्श स्थान है।”

​मंच की भव्यता

भारत में ब्लूमबर्ग की उपस्थिति के 30 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह फोरम विश्व के सबसे प्रभावशाली मंचों में गिना जाएगा। इसमें ​पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, ​केंद्रीय बैंकों के प्रमुख, फॉर्च्यून 100 कंपनियों के सीईओ, ​वैश्विक तकनीकी दिग्गज शामिल होंगे।

​यह फोरम न केवल वैश्विक चर्चाओं को दिशा देगा, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

-अनिल बेदाग