घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में ताजनगरी आगरा, विजिबिलिटी शून्य के करीब, एक्सप्रेसवे पर रफ्तार थमी

स्थानीय समाचार

आगरा। उत्तर प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। ताजनगरी आगरा सहित प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने सख्त रुख अपना लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि कोहरा जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा।

शीतलहर की चपेट में पूरा प्रदेश, ठंड बढ़ने के आसार

प्रदेश भर में शीतलहर का प्रभाव लगातार तेज होता जा रहा है। रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, ठंडी हवाओं और नमी के कारण कोहरा और घना होने की संभावना बनी हुई है।

आगरा में विजिबिलिटी शून्य के करीब, एक्सप्रेसवे पर रफ्तार थमी

आगरा में सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहने से कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की गति धीमी पड़ गई है। हालात को देखते हुए आगरा में ठंड और कोहरे को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

21 जिलों में रेड अलर्ट, आगरा मंडल पर खास निगरानी

प्रदेश के कुल 21 जिलों में घने कोहरे और भीषण ठंड को लेकर रेड अलर्ट लागू किया गया है। आगरा मंडल के जिले—आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी—के साथ इटावा और औरैया में तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है, जिससे शीतलहर का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

इन जिलों में भी हालात गंभीर

मौसम विभाग के अनुसार बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, आजमगढ़, बहराइच, श्रावस्ती, कानपुर देहात, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया, मऊ और बलिया जिलों में भी घना कोहरा और शीतलहर जनजीवन को प्रभावित कर रही है।

स्कूल, यातायात और सेहत पर पड़ा असर

कड़ाके की ठंड को देखते हुए आगरा समेत कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव और अवकाश जैसे निर्णय लिए जा रहे हैं। कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।

प्रशासन की एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करें, गति नियंत्रित रखें और खुले में देर तक न रुकें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।