शेयर बाजार में ऐतिहासिक ‘ब्लॉकबस्टर’ ओपनिंग: इंडिया-यूएस ट्रेड डील के बाद झूम उठे निवेशक, सेंसेक्स-निफ्टी ने रचा इतिहास

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मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच बड़े स्तर पर हुए व्यापार समझौते के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त तेजी दर्ज हुई। निवेशकों के मनोबल में अचानक जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और सेंसेक्स-निफ्टी में ऐतिहासिक उछाल सामने आया, जिसने बाजार की सुस्ती को एक झटके में पीछे छोड़ दिया।

सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार छलांग

3 फरवरी 2026 को बाजार खोलते ही सेंसेक्स में करीब 3,500 अंक तक की मजबूती आई, जबकि निफ्टी ने भी लगभग 1,000 अंकों का उछाल लगाकर महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर पार कर लिए। शुरुआती कारोबार में यह तेजी बाजार के समग्र रुख को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती दिखी।

डील के चलते रुख में बदलाव

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात वस्तुओं पर लगाए जाने वाले ऊंचे टैरिफ में बड़ी कटौती की घोषणा के कारण आई। टैरिफ को लगभग 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से भारत के निर्याती उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी और सस्ते हो गए हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बड़े स्तर पर खरीदारी शुरू हो गई।

कई सेक्टर्स में मजबूत लाभ

तेजी सिर्फ कुछ चुनिंदा कंपनियों तक ही सीमित नहीं रही। लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। विशेष रूप से टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, ऑटो पार्ट्स और पेट्रोकेमिकल्स जैसे निर्यात उन्मुख क्षेत्रों में खरीदारी का दबदबा रहा। कुल मिलाकर 16 प्रमुख सेक्टरों ने सकारात्मक प्रदर्शन दिखाया, जो डील के व्यापक असर को दर्शाता है।

विदेशी निवेश और रुपये में मजबूती

शेयर बाजार की इस रैली के साथ ही भारतीय रुपये में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापार समझौते के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की अब तक की निकासी का रुख पलट सकता है और आने वाले सत्रों में बड़ी मात्रा में विदेशी पूंजी भारतीय बाजार की ओर लौट सकती है।

डील ने दी नई उम्मीद

विश्लेषकों का कहना है कि यह समझौता न केवल बाजार को तुरंत ऊर्जा दे रहा है, बल्कि मध्यम और लंबी अवधि के लिए निवेशकों में भरोसे की नई बुनियाद भी तैयार कर रहा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार संबंधों दोनों पर सकारात्मक असर की उम्मीद जताई जा रही है।

शेयर बाजार की इस तेज रफ्तार ने साफ संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता निवेश धारणा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।