आगरा: ताजनगरी आगरा में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद शातिर तरीका अपनाया है। कमला नगर के शालीमार एन्कलेव की रहने वाली एक महिला के बैंक खाते से साइबर ठगों ने सुनियोजित तरीके से करीब 7 लाख रुपये पार कर दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने पीड़ित महिला के बैंक खाते से जुड़ी ईमेल आईडी और अन्य संपर्क विवरण को ही बदल दिया, जिससे ट्रांजैक्शन के अलर्ट पीड़िता तक नहीं पहुंच सके।
ईमेल आईडी बदली, मोबाइल बंद होने का उठाया फायदा
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता रितू लालवानी का खाता हींग की मंडी स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा में है। शातिर ठगों ने सबसे पहले उनके खाते की ईमेल आईडी को बदल दिया। इसके ठीक उसी दौरान महिला का मोबाइल नंबर भी तकनीकी कारणों से बंद था, जिसका फायदा उठाते हुए साइबर अपराधियों ने बिना किसी बाधा के खाते को खाली करना शुरू कर दिया।
दो दिनों में ऐसे साफ हुआ खाता
ठगों ने पूरी वारदात को दो दिनों के भीतर अंजाम दिया। उन्होंने सिलसिलेवार ट्रांजैक्शन किए, जिसकी भनक रितू लालवानी को तब लगी जब उन्होंने बैंक स्टेटमेंट चेक किया:
पहले दिन दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 4 लाख और 1.50 लाख रुपये निकाले गए। दूसरे दिन खाते से 1.56 लाख रुपये की और निकासी की गई। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 7 लाख रुपये की बड़ी रकम शातिरों ने उड़ा ली।
आईपी एड्रेस और ट्रांजैक्शन ट्रेल खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस वर्तमान में बैंक से उस डिजिटल लॉग और आईपी (IP) एड्रेस की जानकारी जुटा रही है, जिससे छेड़छाड़ करके ईमेल आईडी बदली गई थी। इसके अलावा, जिन संदिग्ध बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उन्हें भी फ्रीज करने की प्रक्रिया की जा रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: अचानक नेटवर्क बंद होना खतरे की घंटी
साइबर विशेषज्ञों ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी अब सीधे बैंक प्रोफाइल को निशाना बना रहे हैं। यदि आपका मोबाइल नंबर अचानक काम करना बंद कर दे, या बैंक से आने वाले एसएमएस अलर्ट अचानक आना बंद हो जाएं, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक की शाखा जाकर अपना खाता लॉक करवाएं और पुलिस की साइबर हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत दर्ज कराएं।


