आगरा। गंगे गौरी पार्क, बल्केश्वर में सोमवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हिंदू संस्कृति के संरक्षण, संस्कार और सामाजिक संगठन को जीवन-व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। आयोजन बाबा बल्केश्वर नाथ हिंदू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में हुआ, जिसमें संतों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्य वक्ता संत अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि बच्चों को संतों, शास्त्रों और सकारात्मक संगति से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे दुर्गुणों से दूर रहकर संस्कारवान बनें।
उन्होंने घर-घर धार्मिक ग्रंथों के पठन-पाठन और सेवा-भाव को बढ़ावा देने की बात कही। उनके अनुसार जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ जैसे अवसरों पर रामायण जैसे ग्रंथ घरों तक पहुंचाने से समाज में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के विश्व गुरु बनने से करुणा, प्रेम और सद्भाव का विस्तार होगा। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए युवाओं को संगठन से जुड़ने की बात कही।
क्षेत्रीय पार्षद हरिओम बाबा ने जातीय सीमाओं से ऊपर उठकर सामाजिक एकता पर जोर दिया। विश्वेंद्र सिंह चौहान ने सांस्कृतिक गौरव और इतिहासबोध के पुनर्जागरण की आवश्यकता बताई।
समिति के अध्यक्ष निखिल गोयल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अनुज गोयल, अशोक कुलश्रेष्ठ, डॉ. पारुल महाजन, राज बहादुर सिंह राज, महेश ग्वाला, सत्यश्रवा और आशा अग्रवाल ने भी विचार रखे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में श्याम अग्रवाल के गीत ने उत्साह भरा, जबकि पौरुष, राघवेंद्र और अरुण की टीम ने सिख गुरुओं के त्याग पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी। मिष्ठी और नव्या गुप्ता ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन रमन अग्रवाल, ब्रह्मा गुप्ता और बृजेश गुप्ता ने किया। व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्पर्श जैन, निश्चल गोयल, संदीप गुप्ता, पवन दिवाकर, ललिता राठौर और राजा चौधरी ने संभाली। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।

