नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर देश की राजनीति में उबाल आ गया है। गुरुवार को संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने एकजुट होकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि इस ट्रेड डील में कई ऐसी शर्तें शामिल हैं जो सीधे तौर पर भारतीय किसानों और आम जनता के हितों को नुकसान पहुँचाएंगी।
किसानों के ‘भारत बंद’ को मिला विपक्ष का साथ
ट्रेड डील की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आज देश भर के किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस बंद को अपना खुला समर्थन देते हुए विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में नारेबाजी की। कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से बयान जारी करते हुए कहा कि विपक्ष उन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है, जो अपनी आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
“दबाव नहीं, सेवा के लिए हो समझौता”
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर देश के स्वाभिमान और किसानों के हितों का सौदा कर दिया है। प्रदर्शनकारी सांसदों का कहना है कि व्यापार समझौते लोगों की सेवा के लिए होने चाहिए, न कि किसी देश के दबाव में आकर अपनी ही जनता का गला घोंटने के लिए।
सरकार पर ‘सरेंडर’ करने का आरोप
विपक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार ने डेयरी उत्पादों और कृषि क्षेत्र में अमेरिकी पहुंच बढ़ाकर भारतीय किसानों के साथ ‘धोखा’ किया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के आगे सरेंडर होकर देश के सम्मान से खिलवाड़ किया है, जिसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।”

