नेपाल में गूँजेगी आयुष की गूँज, 10 देशों के प्रतिनिधि और 200 से अधिक विशेषज्ञ काठमांडू में जुटेंगे

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आगरा। आयुष पद्धतियों को वैश्विक मंच पर मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए अंतरराष्ट्रीय आयुष कॉन्क्लेव 4.0 (नेपाल संस्करण) का आयोजन जून 2026 में “काठमांडू” में किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन आगरा की संस्था सिविक द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 10 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है।

सिविक के प्रतिनिधि डॉ. एमएम कुरैशी ने बताया कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य आयुष प्रणालियों को एक वैज्ञानिक, विश्वसनीय और सशक्त वैश्विक स्वास्थ्य विकल्प के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम के माध्यम से आयुष चिकित्सकों को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शोध आधारित ज्ञान से जोड़ा जाएगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

कॉन्क्लेव में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी सभी आयुष पद्धतियों को एक साझा मंच मिलेगा। वैज्ञानिक सत्रों, पैनल चर्चाओं और शोध प्रस्तुतियों के जरिए विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों और संस्थानों को आयुष लीजेंडरी, आयुष एक्सीलेंस, आयुष राइजिंग और आयुष एंटरप्राइज सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही “एक ही कार्यक्रम में सर्वाधिक आयुष चिकित्सकों द्वारा क्लीनिकल डायग्नोसिस सत्र” के लिए अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास भी किया जाएगा।

डॉ. कुरैशी के अनुसार, इस कॉन्क्लेव में भारत के 20 से अधिक राज्यों और 10 से ज्यादा देशों से 200 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से किया जाएगा, जिससे भारत–नेपाल के बीच वेलनेस और हेल्थ इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी।