नई दिल्ली। केंद्रीय बजट पेश होने से ठीक पहले तंबाकू उत्पादों पर कर ढांचे में बड़े बदलाव का असर बाजार में दिखने लगा है। सिगरेट, पान मसाला और गुटखा जैसी ‘सिन गुड्स’ महंगी हो गई हैं। नए टैक्स स्ट्रक्चर के लागू होते ही खुदरा कीमतों में 15 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
सरकार ने सिगरेट पर लंबाई के आधार पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी तय की है। अब हर स्टिक पर ₹2.05 से लेकर ₹8.50 तक अतिरिक्त ड्यूटी लगेगी। इसका सीधा असर एमआरपी पर पड़ रहा है। जो सिगरेट हाल तक करीब ₹18 में मिल रही थी, उसकी कीमत बढ़कर ₹21–22 तक पहुंच सकती है।
पान मसाला और गुटखा पर भी टैक्स का बोझ बढ़ा है। इन पर जीएसटी दर 40 फीसदी कर दी गई है। गुटखा पर कुल कर भार 90 फीसदी से ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से कीमतें तेजी से ऊपर जाएंगी और मांग पर असर पड़ सकता है।
लंबाई के हिसाब से सिगरेट पर असर
नए ढांचे में सिगरेट की लंबाई के आधार पर एक्साइज ड्यूटी तय की गई है:
65 मिमी से कम: ₹2.05 प्रति स्टिक, कीमत में ₹2–3 तक बढ़ोतरी
65–70 मिमी: ₹3.40, कीमत में ₹4–5 तक असर
70–75 मिमी: ₹5.10, कीमत ₹6–7 तक बढ़ सकती है
75 मिमी से ज्यादा: ₹8.50, कीमत ₹10–12 तक बढ़ने की संभावना
एक्साइज ड्यूटी फैक्ट्री स्तर पर जुड़ने से बेस प्राइस बढ़ जाता है। इसी बढ़ी कीमत पर 40 फीसदी जीएसटी लगने से अंतिम एमआरपी और ऊपर चली जाती है। इसी वजह से ‘टैक्स पर टैक्स’ जैसी स्थिति बन रही है।
बीड़ी पर अलग रुख
जहां सिगरेट और गुटखा महंगे हुए हैं, वहीं बीड़ी पर अपेक्षाकृत राहत रखी गई है। इस पर जीएसटी 18 फीसदी रखा गया है, इसलिए इसकी कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा।
फरवरी से जुड़े अन्य बदलाव
एलपीजी: 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर पर ₹49 की बढ़ोतरी, घरेलू सिलेंडर की कीमतें जस की तस।
फास्टैग: नई कारों के लिए ‘नो योर व्हीकल’ प्रक्रिया की अनिवार्यता हटाई गई।
ब्याज दरें: आरबीआई की आगामी बैठक में 0.25 फीसदी कटौती की उम्मीद, जिससे कर्ज सस्ता हो सकता है।
कुल मिलाकर, तंबाकू उत्पादों पर सख्ती और राजस्व बढ़ाने की कोशिश के बीच उपभोक्ताओं की जेब पर असर साफ दिख रहा है। आने वाले दिनों में कंपनियां अपने नए रेट कार्ड जारी करेंगी, तब वास्तविक बढ़ोतरी की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

