लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को एक पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश की प्रगति और सफलताओं का विस्तृत जिक्र किया है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए अब बीमारू राज्य से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन गया है।
योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि उनकी सरकार ने कानून और सुशासन को स्थापित करते हुए माफिया के भय और अवैध ताकतों के साम्राज्य को समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश को पहले कमज़ोर कानून व्यवस्था के कारण निवेशकों से दूरी बनाए रखने वाला माना जाता था, आज वही प्रदेश निवेश की होड़ के केंद्र में है।
कृषि, रोजगार और उद्योग को दी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि ‘बीज से बाजार तक’ की व्यवस्था और रिकॉर्ड डीबीटी भुगतान से अन्नदाताओं की आय में वृद्धि हुई है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि प्रदेश में उद्योगों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। पलायन, बेरोजगारी जैसी समस्याओं में कमी आई है क्योंकि लेबर रिफॉर्म, डी-रेगुलेशन, एमएसएमई, कौशल विकास, स्टार्टअप और ODOP जैसे कार्यक्रमों ने रोजगार के बड़े अवसर सृजित किए हैं।
समाज के कमजोर वर्गों हेतु योजनाएं
मुख्यमंत्री ने पत्र में महिलाओं की श्रम भागीदारी में वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि बेटियों के जन्म से विवाह तक सरकार आर्थिक सहायता सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने बताया कि निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजन के लिए पेंशन की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हेल्थ-टेक सेवाओं के कारण स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं।
संवाद और कनेक्टिविटी ने बढ़ाया विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल-थल-नभ की कनेक्टिविटी ने व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दी है। उन्होंने अयोध्या, काशी-मथुरा से संभल तक की सांस्कृतिक पुनर्जागरण को प्रदेश की पहचान बताया और कहा कि त्योहारों में भी अब स्वदेशी की चमक स्पष्ट दिखाई देती है.
गरीबी उन्मूलन और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो पॉवर्टी लक्ष्य के तहत 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू
रेवेन्यू डेफिसिट से रेवेन्यू सरप्लस, उपद्रव से उत्सव की दिशा में अग्रसर किया है।
योगी आदित्यनाथ ने पत्र के अंत में बताया कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाएगा, जो “विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दोहराने का समय” है। उन्होंने सभी से संयुक्त प्रयासों और दृढ़ संकल्प से प्रगति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।

