लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और वहां बुलेट ट्रेन के सफर ने यूपी की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। एक तरफ सीएम योगी जापान की तकनीक से मंत्रमुग्ध हैं, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे लेकर तीखा तंज कसा है। अखिलेश ने भाजपा के अंदरूनी कलह की ओर इशारा करते हुए नसीहत दी है कि “आपसी झगड़े को विश्व मंच पर न ले जाएं।”
अखिलेश का प्रहार: “कछुए की चाल से आ रही बुलेट ट्रेन”
सीएम योगी के 501 किमी/घंटा की रफ्तार वाले वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत में बुलेट ट्रेन आने की रफ्तार कछुए जैसी है।
उन्होंने दिल्ली (केंद्र) और लखनऊ (राज्य) के बीच कथित खींचतान पर कटाक्ष करते हुए कहा, “दो अलग दिशा में गए लोग वास्तव में भी अलग-अलग दिशा में ही जाते हैं। दिल्ली-लखनऊ की आपसी खींचातानी का मतलब यह नहीं कि कोई विदेश में जाकर इस पर उंगली उठाए।”
जापान में योगी का ‘सुपरफास्ट’ अनुभव
बता दें कि सीएम योगी इस समय जापान में निवेश जुटाने के मिशन पर हैं, जहां अब तक 11 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हो चुके हैं। यामानाशी में उन्होंने SCMAGLEV ट्रेन का अनुभव लिया और उसका वीडियो साझा करते हुए लिखा कि 500 किमी/घंटा से ज्यादा की यह गति भविष्य के सटीक परिवहन का प्रतीक है। उन्होंने जापान की तकनीक और अवसंरचना की जमकर तारीफ की।
निवेश बनाम राजनीति
जहां मुख्यमंत्री इस दौरे को उत्तर प्रदेश के विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए मील का पत्थर बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे भाजपा के आंतरिक अंतर्विरोधों से जोड़कर देख रहा है। बुलेट ट्रेन की यह ‘स्पीड’ अब यूपी के सियासी गलियारों में चर्चा का सबसे गर्म मुद्दा बन गई है।

