ताइवान गए ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो ब्रिटेन इस क्षेत्र में ताइवान के लोकतंत्र की रक्षा के लिए सैनिक सहायता भेज सकता है.
ब्रिटेन के विदेश मामलों से जुड़ी समिति की अध्यक्ष एलिसिया केयर्न्स ने कहा है कि ताइवान के पास ऐसे दोस्त हैं जो उसका साथ देंगे.
16 साल बाद ब्रिटेन के किसी प्रतिनिधिमंडल की ये पहली ताइवान यात्रा है. चीन ने इस ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल की ताइवान यात्रा पर उसके आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है.
चीन का कहना है कि ये यात्रा ‘वन चाइना पॉलिसी’ का स्पष्ट उल्लंघन है. ताइवान में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है और वो खुद को चीन से अलग मानता है लेकिन बीजिंग उसे एक अलग हो गए प्रांत के रूप में देखता है.
Compiled: up18 News