यूपी आरटीई एडमिशन में बड़ा बदलाव: अब किराएदारों के बच्चों को नहीं मिलेगा सीधा प्रवेश, रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

Regional

लखनऊ। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के नियमों में बदलाव किया गया है। अब किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को आरटीई कोटे से प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए मकान का रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। वहीं यूनिफॉर्म की धनराशि सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में निदेशालय स्तर से भेजी जाएगी, जिसके लिए आधार आधारित बैंक सत्यापन जरूरी होगा।

राजधानी के 1576 निजी विद्यालयों में करीब 21 हजार सीटों पर आरटीई के तहत दाखिले के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, आरटीई आवेदनों से जुड़े सभी दस्तावेजों की ऑनलाइन कॉपी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। संबंधित निजी स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य यूजर आईडी के जरिए इन दस्तावेजों का सत्यापन कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश में पारदर्शिता बढ़ेगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, पिछले वर्ष 1398 निजी स्कूलों में 18 हजार सीटों के लिए आवेदन लिए गए थे। इस बार स्कूलों और सीटों दोनों की संख्या बढ़ी है। आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों की फीस का भुगतान विभाग की ओर से किया जाएगा, जिसके लिए स्कूलों से आवश्यक डाटा मांगा गया है।

तीन चरणों में होंगे आवेदन

नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और कक्षा एक में प्रवेश के लिए पहले चरण के आवेदन 2 से 16 फरवरी तक लिए जाएंगे। दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मार्च और तीसरा चरण 12 से 25 मार्च तक चलेगा। आवेदन और दस्तावेज सत्यापन के बाद 18 फरवरी को पहली लॉटरी, 9 मार्च को दूसरी और 27 मार्च को तीसरे चरण की लॉटरी निकाली जाएगी।

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

आरटीई के तहत केवल शहर निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश मिलेगा। जिला शिक्षा परियोजना समिति के निर्देशानुसार, आवेदन के समय तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्रों में जॉब कार्ड, चिकित्सा प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। निर्धारित मानकों के अनुरूप दस्तावेज होने पर ही आवेदन मान्य किया जाएगा।