अयोध्या। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कथित टिप्पणियों को लेकर प्रदेश में चल रहा विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अयोध्या में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने यह इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है, हालांकि अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया गया है।
“मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं”
इस्तीफे के बाद प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वे बीते दो दिनों से मानसिक तनाव में थे। उन्होंने कहा कि वह एक सरकारी कर्मचारी हैं और सेवा नियमों से बंधे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से कोई समझौता नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश के वेतन से उनका परिवार चलता है, उसी प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए असंसदीय शब्दों का प्रयोग उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत करता है।
राज्यपाल को भेजा त्यागपत्र
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि पीड़ा असहनीय होने के कारण उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेजा है। साथ ही यह भी कहा कि जब तक इस्तीफा स्वीकार नहीं होता, वे अपने सभी शासकीय दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते रहेंगे। इस्तीफा स्वीकृत होने के बाद समाजहित में कार्य करने की प्रतिबद्धता भी उन्होंने जताई।
“विरोध का भी संवैधानिक तरीका होता है”
प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि संविधान में विरोध दर्ज कराने के मर्यादित और संवैधानिक तरीके तय हैं। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न तो सभ्य समाज का हिस्सा है और न ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के नेतृत्वकर्ता हैं और ऐसे बयान समाज को बांटने का काम करते हैं।
अफसरों के इस्तीफों से गरमाया माहौल
गौरतलब है कि इससे पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। अब अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में दिया गया इस्तीफा इस पूरे विवाद को और तेज कर रहा है।
प्रदेश में एक ओर शंकराचार्य के समर्थन में खड़े अधिकारी हैं, तो दूसरी ओर संवैधानिक पदों की गरिमा और मुख्यमंत्री के सम्मान की रक्षा में इस्तीफा देने वाले अफसर। इस टकराव ने प्रशासनिक गलियारों में नई बहस और बेचैनी पैदा कर दी है।

