आगरा। ताज महोत्सव के समापन समारोह में अधिकारी प्रोटोकॉल ही भूल गए। आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह (पर्यटन मंत्री) के टोकने के बावजूद अधिकारी गलती पर गलती करते चले गए। अधिकारियों को समारोह में मौजूद उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान का स्वागत करने का ध्यान सबसे बाद में तब आया, जब पर्यटन मंत्री ने गलती की ओर ध्यान दिलाया। प्रोटोकॊल का पालन न होने पर डॉ. बबिता चौहान ने नाराज होते हुए स्वागत स्वीकार नहीं किया।
पर्यटन मंत्री के टोकने पर भी गलती करते चले गए पर्यटन विभाग के अधिकारी
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान आगरा जिले में प्रोटोकॉल के लिहाज से पांचवें स्थान पर हैं। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है। डॉ. बबिता से ऊपर प्रोटोकॉल में केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, यूपी सरकार के दोनों कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य व योगेंद्र उपाध्याय तथा स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति हैं।
ताज महोत्सव के समापन समारोह में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह पहुंचे हुए थे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के बार-बार के आग्रह के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान भी समापन समारोह में पहुंचीं थीं। समारोह में अतिथियों के स्वागत का सिलसिला चला। पर्यटन विभाग के अधिकारी अतिथियों का स्वागत कर रहे थे। सबसे पहले पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का स्वागत हुआ। इसके बाद विधायक पक्षालिका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, एमएलसी विजय शिवहरे तथा भानु महाजन का स्वागत किया गया।
मंचस्थ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने प्रोटोकॉल टूटते देखा तो उन्होंने अधिकारियों को टोका। कहा कि यहां प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। इसके बावजूद जब पर्यटन अधिकारियों ने सुधार नहीं किया तो मंत्री जयवीर सिंह ने अपने ओएसडी को बुलाकर पर्यटन अधिकारियों को संदेश भिजवाया। इसके बाद संचालनकर्ता ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान का नाम स्वागत के लिए पुकारा।
पर्यटन अधिकारी जब बुके लेकर डॉ. बबिता चौहान के पास पहुंचा तो उन्हें उसे डपट दिया। इसके बाद सीडीओ बुके लेकर पहुंचीं। उन्होंने सॉरी भी बोला, लेकिन डॉ. बबिता चौहान ने तब भी बुके स्वीकार नहीं किया और बुके को सीडीओ के हाथ में थमाते हुए कहा कि मैं आपका स्वागत करती हूं।
ताज महोत्सव के कार्ड में भी नाम प्रिंट कराना भूले
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान का नाम ताज महोत्सव के कार्ड में भी प्रिंट नहीं किया गया था। स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति का नाम भी कार्ड में प्रिंट कराना अधिकारी भूल गए थे। बाद में गलती का अहसास होने पर पर्यटन अधिकारियों ने इन दोनों के नामों की स्लिप तैयार कराकर कार्ड पर चिपकाई थीं।