आगरा। यूनेस्को ने ताजगंज के लिए विश्व विरासत, सतत विकास और स्थानीय समुदाय परियोजना शुक्रवार को आगरा में शुरू कर दी। सिविल लाइंस स्थित विवि के संस्कृति भवन में आयोजित एक समारोह में इसकी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का उद्द्घाटन महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, यूनेस्को एशिया प्रमुख जुन्ही हान, सेंट जोन्स कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, यूनेस्को के दिल्ली स्थित निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी चिरौंजीत गांगुली ने दीप जलाकर कर किया।
मुख्य अतिथि महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा कि हमें ख़ुशी है कि यूनेस्को ने विश्व विरासत, सतत विकास और स्थानीय समुदाय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश से आगरा को चुना और आगरा में भी ताजमहल के क्षेत्र ताजगंज को चुना है। परियोजना के माध्यम से, यूनेस्को का उद्देश्य सामुदायिक सशक्तिकरण के साथ लोगों पर केंद्रित सतत विकास और विरासत प्रबंधन के लिए एक मॉडल बनाना है जो सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए संरक्षक है।
उन्होंने कहा कि कोरियाई फंड-इन-ट्रस्ट द्वारा समर्थित इस पहल का उद्देश्य “पच्चीकारी (पत्थर की जड़ाई शिल्प) में विशेषज्ञता रखने वाले कारीगरों को सशक्त बनाना है, साथ ही टिकाऊ, समुदाय-संचालित विरासत संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
यूनेस्को दक्षिण एशिया कार्यालय में संस्कृति प्रमुख जुन्ही हान ने कहा कि विरासत का मतलब केवल अतीत को संरक्षित करना नहीं है, बल्कि वर्तमान में समुदायों को सशक्त बनाना और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करना भी है। परियोजना ताजगंज के पत्थर जड़ाई (पच्चीकारी) कारीगरों को उनकी आजीविका, कौशल और बाजार तक पहुँच बढ़ाकर सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
यूनेस्को के चिरौंजीत गांगुली ने कहा कि यह कारीगरों को कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंचाने, अंग्रेजी दक्षता में सुधार करने और डिज़ाइन नवाचार, सोशल मीडिया मार्केटिंग और ग्राहक सेवा में प्रशिक्षण के माध्यम से उद्यमशीलता कौशल विकसित करने में सहायता करेगा। डिजाइन विविधीकरण और बाजार संबंधों के लिए रणनीतियों का पता लगाने के लिए डिजाइन विशेषज्ञ, नीति निर्माता, पर्यटन पेशेवर और सांस्कृतिक व्यवसायी एक साथ आए।
एक पहल संस्था की अध्यक्ष डॉ. ईभा गर्ग ने बताया कि ताजगंज क्षेत्र में एक पहल की टीम के सहयोग से हेरिटेज वॉक और बच्चों की कलरिंग बुक युवा शिक्षार्थियों को ताजगंज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए इंटरैक्टिव टूल के रूप में काम करेगी, जिससे कम उम्र से ही जागरूकता पैदा होगी। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना स्थानीय युवाओं को जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए हेरिटेज वॉक और शैक्षिक कार्यक्रमों सहित समुदाय-नेतृत्व वाले हेरिटेज पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देगी।
ताजगंज, आगरा की विरासत पुस्तक का विमोचन
आगरा की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पारंपरिक शिल्प को व्यापक विरासत और पर्यटन परिदृश्य में एकीकृत करने में इस पहल के महत्व परिचर्चा में शामिल किया गया। इस दौरान यूनेस्को ने ताजगंज की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाली बच्चों की कलरिंग बुक ताजगंज, आगरा की विरासत भी लॉन्च की। संचालन रिया व हिभा ने किया। धन्यवाद एक पहल के महासचिव मनीष राय ने दिया।
इस अवसर पर नगर निगम के पर्यावरण अधिकारी पंकज भूषण, ललित कला संस्थान के डिप्टी डाइरेक्टर डॉ. मनोज कुमार, स्मार्ट सिटी आगरा से अरुण कुमार, पूजा सक्सेना, बरखा राय, अश्लेष मित्तल, अंकित खण्डेलवाल, रणजीत, शांतनु, ताहिर आदि मौजूद रहे।