Agra News: टूटी थीं पसलियाँ, थम रही थीं साँसें…पर जिंदा थी उम्मीद, एस.एन. मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन कर दिया नया जीवन

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आगरा: पसलियाँ टूटी थीं, साँसें थम रही थीं… पर उम्मीद ज़िंदा थी! 42 वर्षीय उमेश (हाथरस निवासी), जो पेशे से मजदूर हैं, दिल्ली में टाइल्स लगाते समय छत से ईंट-पत्थरों पर गिर गए, जिससे उनकी बाईं ओर की सभी 12 पसलियाँ टूट गईं और ऑक्सीजन का स्तर गिर गया।

पहले उन्हें दिल्ली में भर्ती कराया गया, लेकिन संतोषजनक इलाज न मिलने पर एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में सीटीवीएस सर्जन डॉ. सुशील सिंघल की देखरेख में लाया गया।

उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। बाईं ओर की टूटी हुई सभी पसलियों को स्टील प्लेट की मदद से जोड़ा गया। आईसीयू और वार्ड में गहन देखभाल के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई। इस तरह की जटिल ‘रिब्स फिक्सेशन सर्जरी’ बड़े-बड़े शहरों में भी बहुत कम देखने को मिलती है।

जो पैर कटने वाला था, वह अब फिर से चल पड़ा!

70 वर्षीय रामचरण (आगरा निवासी) अपने बाएँ पैर में असहनीय दर्द के कारण न तो सो पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे।

जांचों में पता चला कि उनके बाएँ पैर की सभी नसें बंद थीं और पैर गैंग्रीन की ओर बढ़ रहा था। पैर को बचाने के लिए सीटीवीएस सर्जन डॉ. सुशील सिंघल की टीम ने तत्काल एक नई कृत्रिम नस लगाकर ‘इलियो-पॉप्लिटियल बाईपास’ किया। अब उनके पैर में पुनः रक्त संचार हो गया है, जिससे वे चलने में सक्षम हैं और उनका पैर कटने से बच गया।

बिना चीरे, बिना दर्द… और महज 2 घंटे में अस्पताल से छुट्टी!

36 वर्षीय रामबृज (फिरोजाबाद निवासी), जो मिठाई की दुकान चलाते हैं, उनके पैरों की नसें अत्यधिक फूल गई थीं (वेरिकोस वेन)। उनका ऑपरेशन बिना चीरा लगाए लेजर विधि द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। यह ऑपरेशन बिना बेहोशी के किया गया और मात्र दो घंटे में मरीज को छुट्टी दे दी गई।

सफल ऑपरेशन करने वाली टीम:

सीटीवीएस सर्जन – डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. यशवर्धन, डॉ. सौरभ, डॉ. ललित
एनेस्थीसिया टीम – डॉ. अर्चना, डॉ.अतीहर्ष, डॉ. दीपिका , डॉ. रजनी , डॉ. सृष्टि

सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत लवानिया का विशेष सहयोग रहा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज में हमारे सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टरों द्वारा अत्यंत जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है जिससे मरीज़ों को काफ़ी लाभ हो रहा है ।

रिपोर्टर- पुष्पेंद्र गोस्वामी