आगरा। संस्कृति के महाकुंभ ताज महोत्सव में आज शिल्पग्राम में कन्हैया मित्तल के भजनों की धूम रही, वहीं सदर के मंच पर भी भोले बाबा के भजनों की बयार बही।
सदर में कार्यक्रम का शुभारम्भ महाशिवरात्रि के सुन्दर पर्व पर प्रवीन वर्मा और सुपर्णा वर्मा के भजन हे शम्भु बाबा मेरे भोले नाथ और मुकेश शर्मा ने भोले ओ भोले गीत से हुआ।
आज के मुख्य आकर्षण में डॉ अंशवाना सक्सेना की रस रंग एकेडमी के स्टूडेंट्स मुस्कान, अर्जुन, भूमि, प्रशंसा, परिनीति, मान्या, दिव्यांशी, शनाया, नंदिनी ने डांस के अनेकों कलाओं में प्रस्तुतियां देकर सभी को तालियां बजाने पर मजबूर किया।
इसके बाद सूर्यांश ने अपनी बासुंरी से सावन का महीना और अक्छूतम केशवम की स्वर लहरी से सभी को मोहित कर दिया। कार्यक्रम की मुख्य कड़ी में डॉ लाल सिंह राजपूत के जिकड़ी लोक गायन जिसमें रामायण और महाभारत की लोककथाओं का गायन के माध्यम से बड़े ही रोचक रूप में प्रस्तुत किया।
आज की अन्य प्रस्तुतियों में जसपाल खुराना ने चांदी जैसा रंग है तेरा गाना गाया, नरेश रावत, सताक्षी, मानसी, ऋषिका, सुपर्णा, प्रवीण वर्मा, जीएस चौहान, मुकेश शर्मा ने अनेकों फिल्मी गानों को गाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
नन्ही बच्ची दर्शिता सिंह ने अपने नृत्य की प्रस्तुति दे कर सभी को नाचने पर मजबूर कर दिया। सभी कलाकारों को मंच समन्वयक विक्रम शुक्ला और सुशील सरित ने सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। रोहन सिंह, बबलू खान, दया शंकर और किशोर ने गायकों वाद्य यंत्रों पर संगत दी।
मंच संचालन विक्रम शुक्ला, नीरज नयन और काजोल ने किया।अन्य व्यवस्थाएं दया शंकर ने संभाली।
आई लव आगरा सेल्फी पॉइंट पर भी रही धूम
सल्फी प्वाइंट पर कार्यक्रम की शुरुआत ख़ुशी गुप्ता, नंदिनी गुप्ता के एकल नृत्य से हुई। इसके बाद सुनीता धाकड़ और भुवनेश कुमारी ने अपने लोकगीत की प्रस्तुति दी। इसके बाद कैफ़ियत बैण्ड और उसके सिंगर तौकीर ख़ान ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया।
निशांत सिंह, अरीब सैयद और विशाल झा ने अपने सुगम गीत की प्रस्तुति दी। हरिओम माहौर ने तबला वादन से लोगों की तालियाँ बटोरी। इनके साथ हारमोनियम पर रवीन्द्र तलेगांवकर ने संगत की। इसके बाद रश्मि गुप्ता और रीतिका सामंत ने अपने शास्त्रीय गायन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद लखनऊ से पधारे अनुमेहा गुप्ता ने लोकगीत गायन प्रस्तुत किया। उनके साथ कीबोर्ड और बासुरी पर हरेश कुमार, ढोलक अरुण त्रिपाठी और ऑक्टापैड पर सोनी त्रिपाठी ने संगत की।
लखनऊ से आई वंदना मिश्रा ने अपने सुगम व लोक गायन की लोगों ने खूब सराहना की। इनके साथ तबले पर राजकुमार शर्मा, कीबोर्ड और बासुरी पर हरेश कुमार, ढोलक अरुण त्रिपाठी और ऑक्टापैड पर सोनी त्रिपाठी ने संगत की। इसके बाद वाइलन पर उस्ताद अलीम ख़ान ने अपने वाइलन वादन की लोगों से खूब सराहना मिली।
इसके बाद ताज के सितारों में शामिल चंचल कुशवाह ने अपनी सुगम गायन की प्रस्तुति दी। इस मौके पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह व पर्यटन अधिकारीगण, सुधीर नारायण मौजूद रहें। मंच का संचालन दिवांशी चंद्रा ने किया।