आगरा। थाना किरावली क्षेत्र के गांव महूअर स्थित शराब के ठेकों पर हुई तोड़फोड़ और लूटपाट की घटना के बाद यह सवाल गहराता जा रहा है कि यह ग्रामीणों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश। मामले में पुलिस ने 30 से 40 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बताया गया है कि बीते दिनों गांव महूअर में स्थित अंग्रेजी और देशी शराब के ठेकों पर आक्रोशित भीड़ ने अचानक धावा बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शराबियों की बढ़ती गतिविधियों, आए दिन होने वाले झगड़ों और घरेलू कलह से परेशान ग्रामीण महिलाएं और पुरुष एकत्र हो गए और ठेकों में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान ठेके में रखी शराब को बाहर निकालकर नष्ट कर दिया गया।
घटना के दौरान गल्ले से नकदी लूटने का भी आरोप सामने आया है। ठेका संचालक की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि कंपोजिट बीयर शॉप और दोनों शराब दुकानों में तोड़फोड़ कर गल्ले में रखे करीब 22,840 रुपये निकाल लिए गए। अंग्रेजी शराब ठेके का संचालन वकील खां और देशी शराब ठेके का संचालन श्यामवीर नामक युवक द्वारा किया जा रहा था। पीड़ित सेल्समैन के अनुसार हाथों में लाठी-डंडे लिए करीब 30 महिलाएं और 10 युवक अचानक ठेके पर पहुंचे और हमला कर दिया।
सूचना मिलते ही थाना किरावली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ठेका मालिक की तहरीर पर 40 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य की पहचान सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर की जा रही है।
दूसरी ओर, ग्रामीणों के बीच दबी जुबान से इस बवाल के पीछे साजिश की चर्चा भी हो रही है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पड़ोसी गांव का एक युवक शराब ठेकेदार से रंगदारी वसूलने का प्रयास कर रहा था। आरोप है कि सेल्समैन द्वारा मांग न मानने पर उसी युवक ने महिलाओं को भड़काकर ठेके पर हमला करवाया।
आबकारी निरीक्षक अंकुर गुप्ता ने बताया कि जिस तरीके से महिलाओं द्वारा हिंसक हमला किया गया, वह असामान्य प्रतीत होता है। यदि ग्रामीणों को कोई आपत्ति थी तो वे आबकारी विभाग या पुलिस में शिकायत कर सकते थे। उन्होंने ठेके से नकदी लूट की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना के पीछे शामिल संदिग्ध तत्वों की गोपनीय जांच कराई जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह शराब ठेके के खिलाफ ग्रामीण आक्रोश का विस्फोट था या किसी ने हालात का फायदा उठाकर हिंसा को अंजाम दिलवाया।

