आगरा। किसानों को समय पर सिंचाई जल उपलब्ध कराने एवं कृषि कार्यों को सुचारू रखने के उद्देश्य से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने शनिवार को क्षेत्रीय सिंचाई नहरों का विस्तृत निरीक्षण किया। यह निरीक्षण दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चला, जिसमें सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, अभियंता स्पर्श अग्रवाल और विभागीय कर्मचारियों की टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान नहरों की दुर्दशा और विभागीय लापरवाही से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं।
स्क्रैप व सफाई कार्य अधूरा, जलकुंभी बनी बाधा
श्यामों माइनर और टर्मिनल रजवाहा का निरीक्षण करते समय टीम ने पाया कि स्क्रैप कार्य पूरा होने के बाद भी नहर की तली में जलकुंभी पड़ी हुई है, जिससे जल प्रवाह बाधित होगा। कई स्थानों पर नहर की दूसरी पटरी पर ड्रेसिंग नहीं की गई है, जबकि वहीं कूड़ा डालकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया है।
टेंडर पारित, लेकिन कार्य शुरू नहीं
ईंटों के पक्के खरंजे (पाथवे) के लिए टेंडर जारी होने के बावजूद ज़मीन पर कार्य शुरू नहीं हुआ है।
अवैध कटान और ट्रैक्टर से बने खतरनाक गड्ढे
नौफरी कट पर किसानों द्वारा ट्रैक्टरों को नहर में उतारकर दूसरी तरफ निकालने का मामला भी सामने आया। इस अवैध उपयोग के चलते नहर की पटरी कटी हुई है और एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जहां कभी भी दुर्घटना हो सकती है। विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
मुर्गी फार्म और टर्मिनल रजवाहा में भी गंदगी
मुर्गी फार्म के पास सफाई के बाद भी जलकुंभी पाई गई। वहीं आगरा टर्मिनल रजवाहा में दूसरी साइड की पटरी पर सफाई का मलबा डालकर रास्ता बंद कर दिया गया था। नहर की तली में झाड़–सफाई भी नहीं की गई, जिससे निचले हिस्सों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाएगा।
नहर मार्ग पर झाड़ियां, स्थिर पानी और मच्छरों का खतरा
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि नहर किनारे झाड़ियां, घास और जलीय पौधों की अत्यधिक वृद्धि ने जलधारा को संकीर्ण कर दिया है। कई स्थानों पर पानी ठहरा हुआ मिला, जिससे मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है।
अवैध कटान और अतिक्रमण के मामले चिह्नित
कई बिंदुओं पर अवैध कटान, पानी मोड़ने के अनधिकृत जोड़ और नहर किनारे अतिक्रमण पाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अन्य किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाता है।
कचरा, प्लास्टिक और पशुओं का छोड़ा जाना भी बड़ी समस्या
नहर के आसपास कचरा फेंकने और पशुओं को छोड़ने की लापरवाही भी सामने आई। इससे जल की गुणवत्ता और नहर संरचना दोनों प्रभावित होती हैं।
तत्काल सफाई और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश
जिलाध्यक्ष डॉ. भदौरिया ने मौके पर ही विभाग को आदेश दिया कि —
तुरंत सफाई कार्य शुरू किया जाए
क्षतिग्रस्त पटरी और तली की मरम्मत की जाए
अवैध कटान और अतिक्रमण पर रोक लगाई जाए
7 दिन में नहर की पूरी व्यवस्था सुचारू की जाए
उन्होंने कहा कि 7 दिनों में स्थिति में सुधार न होने पर विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध शासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के चौड़ीकरण कार्य की भी गुणवत्ता पर सवाल
रोहता से दिगनेर तक नहर किनारे पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण भी किया गया। कार्य की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल एस्टीमेट और पूरी जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
ग्रामीणों से अपील
ग्रामीणों और किसानों से अपील की गई कि नहर को साफ और सुरक्षित रखने में सहयोग करें, कचरा न फेंकें, अवैध कटान न करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत विभाग को दें।
डॉ. मंजू भदौरिया ने स्पष्ट किया कि किसानों को निर्बाध सिंचाई जल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और निर्धारित समय सीमा के बाद वे पुनः निरीक्षण करेंगी।

