आगरा। जिला जज विवेक सांगल, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी एवं अपर पुलिस कमिश्नर संजीव त्यागी द्वारा आज केंद्रीय कारागार तथा जिला जेल का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला जज द्वारा निरुद्ध बंदियों से उनको दिए जा रहे भोजन तथा चिकित्सा सुविधा के बारे में जानकारी ली गई। जेल अधिकारियों को बंदियों का ध्यान रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला बैरक, बच्चों के स्कूल, अस्पताल में भर्ती बीमार बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जिला जज ने पाकशाला की जांच कर बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को देखा तथा भोजन बनाते समय साफ सफाई के विशेष निर्देश दिए। बंदियों ने बताया कि जेल में उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। जेल की सभी व्यवस्था ठीक पाई गई। किसी बंदी-कैदी के पास कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। जेल मैन्युअल के आधार पर सभी सुविधाए देने के निर्देश दिए। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने, गंभीर बीमार बंदियों की रिपोर्ट देने को निर्देशित किया। जिससे उनका समुचित इलाज हो सके।
जिला जज ने बच्चों हेतु चल रहे स्कूल का भी निरीक्षण किया तथा बच्चों को दी जा रही गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से प्रसन्नता व्यक्त की। ऐसे बंदी जिनके मामलों में अपील होनी है, उनके प्रपत्र तैयार कराने के भी निर्देश जेल अधीक्षक को दिए।
केन्द्रीय कारागार के निरीक्षण के दौरान कारागार में निरूद्ध बंदियों से वार्ता करने के उपरांत कारागार अधीक्षक को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थों में से एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो बंदियों से वार्ता कर उनकी अपील फाइल कराये। पैरोल, अपील आदि के सम्बन्ध में उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराये, जिससे उन्हें अपील आदि में सहायता मिल सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे बंदी जो अपील आदि करने में असमर्थ हैं, उनके लिए शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम कार्यवाही की जाए। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल की बिल्डिंग की मरम्मत हेतु आगणन शासन को भेजा जा चुका है तथा आगणन से पूर्व लोनिवि से बिल्डिंग का सर्वे भी कराया गया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि केन्द्रीय कारागार में निरूद्ध बंदियों द्वारा साड़ी, फर्नीचर, शू मेकिंग तथा बेकरी आदि में कार्य किया जाता है।
कुंभ में बिका बंदियों द्वारा तैयार किया गया फर्नीचर
इस वर्ष कुम्भ में जेल में बने फर्नीचर की बिक्री कर एक लाख रूपये की आमदनी की गई है। इसके अलावा कौशल मिशन के अन्तर्गत बंदियों को प्रशिक्षित कर सबमर्सिबल मरम्मत का कार्य भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि जेल में लगे सभी सबमर्सिब्सल की मरम्मत जेल के अन्दर ही प्रशिक्षित बंदियों द्वारा की जाती है।
केन्द्रीय कारागार में पाकशाला का निरीक्षण करते हुए जिला जज, जिलाधिकारी तथा अपर पुलिस आयुक्त द्वारा बन रही रोटी का सेवन कर गुणवत्ता की जांच की गई। जिला जज द्वारा जेल में सांस्कृतिक कार्यक्रम कराये जाने हेतु जेल अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तत्पश्चात जिला जज की अध्यक्षता में आयोजित मॉनिटरिंग सेल की बैठक का आयोजन जिला जज कार्यालय में किया गया, जिसमें जिला जज द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को अवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गये।
निरीक्षण के समय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविचल प्रताप सिंह, जिला जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा, केंद्रीय जेल अधीक्षक ओ.पी. कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण आदि मौजूद रहे।