आगरा। थाना खंदौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत नगला मट्टू में रविवार रात एक मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि रास्ता देने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद एक पक्ष के लोगों ने घरों की छतों पर चढ़कर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए हालात रणक्षेत्र जैसे बन गए। पथराव की इस घटना में 8 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि कुछ अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार, नगला मट्टू निवासी कालू पुत्र भगवान दास रविवार रात करीब 8:30 बजे दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में आरोपी पक्ष के असलम के बेटे खड़े मिले। रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।
छतों से अचानक हमला, गांव में मची भगदड़
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ते ही आरोपी पक्ष के 15 से 25 लोग अपने घरों की छतों पर चढ़ गए और दूसरे पक्ष पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि ग्रामीण जान बचाने के लिए घरों में दुबकने लगे और कुछ लोग इधर-उधर भागने लगे। पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
पथराव में महिलाएं ज्यादा घायल, गांव में आक्रोश
इस हमले में ज्ञान देवी (60) पत्नी पूरन सिंह, सरोज देवी (50) पत्नी जगदीश सिंह माहौर, लक्ष्मी देवी (65) पत्नी भगवान दास, केतकी देवी (50) पत्नी हरिशंकर, आरती (26) पत्नी अजय, कलावती (35) पत्नी रिंकू समेत कुल आठ महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं। इसके अलावा जीतू (30) पुत्र भगवान दास भी चोटिल हुआ है। अधिकतर महिलाओं के घायल होने से गांव में नाराजगी और तनाव बढ़ गया है।
पुलिस पहुंची तो ताले डालकर भाग निकले आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी पक्ष के लोग घर में ताला लगाकर फरार हो चुके थे। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी।
तहरीर के आधार पर जांच, आरोपियों की तलाश जारी
पीड़ित पक्ष की ओर से रिंकू पुत्र भगवान दास ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है और आरोपियों की तलाश जारी है।

