आगरा। थाना फतेहाबाद पुलिस ने जेडएफडी (जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट) अभियान के तहत शनिवार को आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सघन प्रवर्तन अभियान चलाया। यह कार्रवाई फतेहाबाद टोल प्लाजा के आसपास की गई, जहां यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने सख्त रुख अपनाया।
अभियान के दौरान एक्सप्रेसवे पर नियमों का उल्लंघन कर खड़े 33 वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की सुसंगत धाराओं में चालान की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही टोल प्लाजा के समीप होटल और ढाबा संचालकों द्वारा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक्सप्रेसवे की तार फेंसिंग काटे जाने के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, एक्सप्रेसवे की तार फेंसिंग काटना गंभीर अपराध है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी सीधा खतरा पैदा होता है और आपराधिक गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को धारा 170 बीएनएस के तहत न्यायालय में पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में विकल उर्फ विकास निवासी सिकतरा (एत्मादपुर), पप्पू निवासी अखेपुरा (मुरैना), श्रीभगवान निवासी बसई मोहम्मदपुर (फिरोजाबाद), भूरी शर्मा निवासी झारगा (बसेड़ी-धौलपुर), अजयपाल निवासी बमरौली (फतेहाबाद), मनोज कुमार निवासी नगला बनते (सैफई-इटावा), प्रकाश निवासी धौलपुर, भीयाराम एवं शोभाराम निवासी जोधपुर, तथा अनूप निवासी लोया बादशाहपुर (एटा) शामिल हैं।
इस संबंध में थाना फतेहाबाद पुलिस के प्रभारी निरीक्षक तरुण धीमान ने बताया कि होटल और ढाबा संचालकों को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी कि वे एक्सप्रेसवे की तार फेंसिंग से छेड़छाड़ न करें, लेकिन निजी व्यावसायिक हितों के चलते बार-बार नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही से गंभीर सड़क दुर्घटनाएं और आपराधिक घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

