आगरा। UGC ड्राफ्ट एक्ट-2026 को लेकर विरोध अब आगरा में भी खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को छात्रों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर शहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेता और नगर निगम के पूर्व उपसभापति जगदीश पचौरी ने खून से नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ड्राफ्ट एक्ट को वापस लेने की मांग की। उनका यह कदम प्रदर्शन का सबसे चर्चित बिंदु रहा।
समानता नियमों पर आपत्ति, जातिगत भेदभाव बढ़ने की आशंका जताई
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि UGC के तथाकथित समानता नियम सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। भाजपा नेता जगदीश पचौरी ने कहा कि सरकार को इस ड्राफ्ट पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। वहीं क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कैंपस माहौल बिगड़ने की आशंका, दोस्तों के बीच बढ़ सकती है तकरार
छात्रों ने आशंका जताई कि नया नियम कैंपस में आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रदर्शन के दौरान आयोजित चौपाल में छात्र आपस में बहस करते नजर आए। उनका कहना है कि यह नियम पढ़ाई से ज्यादा आपसी रिश्तों में खटास पैदा करेगा और शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।
नियमों को लेकर असमंजस, स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
UGC के नए प्रावधानों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय समेत कई शिक्षण संस्थानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि नियमों की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है। खासतौर पर सामान्य वर्ग के छात्रों को आशंका है कि इसका असर उनके लिए नकारात्मक हो सकता है। बिना स्पष्ट गाइडलाइन लागू करना उचित नहीं होगा।
दिल्ली में भी तेज हुआ विरोध, UGC मुख्यालय पर घेराव, आंदोलन की चेतावनी
दिल्ली में UGC मुख्यालय के बाहर भी इस ड्राफ्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने बिल को वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई है और वे न्यायालय के साथ-साथ UGC व केंद्र सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ड्राफ्ट एक्ट वापस नहीं लिया गया तो देशभर में सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।

