आजमगढ़ के हरबंशपुर स्थित चिल्ड्रन गर्ल्स कॉलेज में 31 जुलाई को छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई के बावजूद माहौल गरमाता जा रहा है। पुलिस ने मामले में स्कूल की प्रिंसिपल और एक टीचर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसे लेकर सोमवार को आजमगढ़ समेत पूरे सूबे में स्कूलों ने बंद का ऐलान किया है। स्कूल में बच्चों को स्कूल में आने से मना किया गया है जबकि टीचर और स्टाफ आए हैं। टीचर काली पट्टी बांधकर विचार-विमर्श कर रहे हैं लेकिन स्कूल बंद के विरोध में सुर तेज हो गए हैं, अब अभिभावकों ने इसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है।
स्कूलों के बंद के विरोध में अभिभावक संघ समेत तमाम सामाजिक संगठनों ने सामूहिक रूप से आजमगढ़ शहर में जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जब संदिग्ध हालत में मौत हुई थी, पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, कार्रवाई की गई थी। जब मामला न्यायालय में था तो आखिर पूरे प्रदेश में स्कूलों को बंद करके क्या दबाव बनाया जा रहा है।
अभिभावकों का स्कूलों से यह क्या संदेश दिया जा रहा है। फीस नहीं मिलने पर प्रताड़ित किया जाता है। अभिभावकों ने कहा कि तमाम तरीके से स्कूल द्वारा प्रताड़ित किया जाता है। आज की फीस भी ली जाएगी तब अपने से क्यों छुट्टी की जा रही है। इन स्कूलों ने जो पैसों की फैक्ट्रियां लगाई हैं, उस पर कोई आंच न आए इसके लिए दबाव की राजनीति की जा रही है। इसीलिए तमाम सामाजिक संगठन 8 अगस्त को स्कूलों के बंद के विरोध में 9 अगस्त को लोगों को अपने बच्चों को स्कूल में न भेजने की अपील कर रहे हैं।
एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल यूपी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज 8 अगस्त को स्कूलों में बच्चों को नहीं आना था जबकि प्रिंसिपल टीचर और स्टाफ को काली पट्टी बांधकर शोक व्यक्त करने और आपस में विचार विमर्श करने का आह्वान किया गया था।
इसी क्रम में आज आज चिल्ड्रन स्कूल समय तमाम स्कूलों में यहां आए स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया और छात्र की मौत पर शोक जताया गया। चिल्ड्रन स्कूल की टीचर ने बताया कि छात्रा के साथ जिस तरीके से घटना हुई उसको लेकर सभी दुखी हैं और उसके आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। इसके साथ ही यह विचार विमर्श किया गया है कि आगे छात्र-छात्राओं और टीचर प्रिंसिपल में आपस में समन्वय स्थापित रहे।
Compiled: up18 News