जालौन: धर्म की आड़ में अवैध वसूली और जमीन कब्जाने के आरोप, तहसील दिवस में कफन बांधकर पीड़ित ने मांगा न्याय

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कालपी (जालौन): कालपी नगर में खुद को सनातन धर्म का पैरोकार और भगवाधारी बताने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर और सनसनीखेज आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कथित भगवाधारी नीलाभ शुक्ला धर्म की आड़ लेकर न केवल सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है, बल्कि अवैध वसूली, जमीन कब्जाने का दबाव और सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक खबरें फैलाकर प्रशासन को गुमराह करने जैसे कृत्यों में भी संलिप्त है। मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब पीड़ित पक्ष तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस में कफन बांधकर उपजिलाधिकारी के समक्ष पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई।

पीड़ितों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन विवाद का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक, आर्थिक और सामाजिक उत्पीड़न की साजिश है, जिसमें धर्म और भगवा वस्त्र को ढाल बनाकर अवैध वसूली का प्रयास किया जा रहा है।

विधिवत खरीदी गई जमीन, फिर भी रोका गया निर्माण

पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, कालपी कस्बे के आलमपुर बाईपास क्षेत्र में उन्होंने 13 नवंबर और 21 नवंबर 2025 को विधिवत पंजीकृत बैनामे के माध्यम से भूमि क्रय की थी।

यह भूमि सीमा देवी पत्नी अनुपम कुमार एवं माधुरी पत्नी बृजनंदन सिंह के नाम से दर्ज थी।

बैनामा, नगर पालिका की रसीदें और अन्य सभी वैध दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद, जब पीड़ितों ने अपने मकान का निर्माण कार्य प्रारंभ किया, तभी कथित रूप से नीलाभ शुक्ला और दीपक कुमार शर्मा वहां पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाने लगे।

पीड़ितों का आरोप है कि दोनों व्यक्तियों ने स्वयं को अधिकारियों और प्रशासन में प्रभावशाली बताते हुए कहा कि यह जमीन सरकारी या नजूल की है और यदि निर्माण कराना है तो दो लाख रुपये देने होंगे।

जब पीड़ितों ने इस अवैध मांग को मानने से साफ इनकार कर दिया, तो इसके बाद धमकी, दबाव और बदनाम करने का सिलसिला शुरू हो गया।

सोशल मीडिया से फैलाया गया भ्रम, प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अवैध वसूली में असफल होने के बाद दोनों आरोपितों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और झूठी व भ्रामक खबरें चलाकर यह प्रचारित किया गया कि उक्त जमीन अवैध कब्जे की है।

पीड़ितों का कहना है कि इस तरह की खबरों से न सिर्फ उनकी छवि धूमिल की गई, बल्कि प्रशासन को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया।

पीड़ितों के अनुसार, आज उनकी आधी बनी हुई इमारत अधर में लटकी हुई है। लगातार दबाव और उत्पीड़न के चलते वे मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और सामाजिक अपमान झेलने को मजबूर हैं।

कफन पहनकर पहुंचे तहसील दिवस, छलका दर्द

तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जब पीड़ित कफन बांधकर उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचे, तो वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।

पीड़ितों ने कहा कि कफन पहनकर आने का उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनका जीवन और भविष्य दोनों संकट में पड़ सकते हैं।

उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनके वैध रूप से खरीदे गए मकान के निर्माण में बाधा न डाली जाए और झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

धर्म के नाम पर समाज में जहर घोलने का आरोप

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नीलाभ शुक्ला खुद को सनातन धर्म का रक्षक बताकर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर विशेष समुदाय को निशाना बनाता है, जिससे नगर में सामाजिक तनाव का माहौल बनता है।

लोगों का कहना है कि यह व्यक्ति धर्म की रक्षा नहीं, बल्कि धर्म की आड़ में अपने निजी स्वार्थ पूरे करने का काम कर रहा है।

आरोप यह भी लगाए गए हैं कि नगर में अनेकों अवैध कब्जे मौजूद हैं, जिनमें विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं, लेकिन कथित भगवाधारी सिर्फ अपने ही समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर दबाव और वसूली करता है।

लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में वह इतना ही बड़ा सनातनी और भगवाधारी है, तो नगर में मौजूद अन्य अवैध कब्जों पर कार्रवाई क्यों नहीं करवाता।

व्यक्तिगत आचरण पर भी गंभीर सवाल

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नीलाभ शुक्ला का व्यक्तिगत आचरण भी बेहद आपत्तिजनक है। आरोप है कि वह प्रतिदिन शाम के समय नगर की एक होटल में महिला मित्र और उसके पति के साथ शराब का सेवन करता है। शराब के नशे में सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, जिससे महिलाओं और आम नागरिकों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति स्वयं इस तरह का आचरण करता है, वह किस आधार पर धर्म और नैतिकता का ठेकेदार बना हुआ है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

तहसील प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तुत दस्तावेजों—पंजीकृत बैनामे, नगर पालिका की रसीदें और अन्य अभिलेखों—की जांच कराई जाएगी। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अवैध दबाव, धमकी, वसूली या सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नगर में चर्चा का विषय बना मामला

फिलहाल यह पूरा मामला कालपी नगर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर पीड़ित न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की बात कही जा रही है।

यह समाचार पीड़ितों द्वारा दी गई तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

– ब्यूरो रिपोर्ट सोनू महाराज