आगरा की सड़कों का हाल बेहाल: गड्ढे बने मौत का जाल, नगर निगम को आईना दिखाने के लिए सपा नेता ने अपनाया अनोखा तरीका

स्थानीय समाचार

आगरा। शहर की पॉश कॉलोनी कहे जाने वाले कमला नगर में सड़क पर बने एक विशाल गड्ढे को लेकर शनिवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के नेता नितिन कोहली ने नगर निगम और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए गड्ढे के भीतर सीढ़ी लगाकर उतरकर विरोध जताया। उन्होंने सड़क के इस गड्ढे को तंज भरे अंदाज में “पाताल लोक का रास्ता” करार दिया और सरकार द्वारा किए जा रहे विकास के दावों को खोखला बताया।

स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल

कमला नगर जैसे मुख्य इलाके में सड़कों की बदहाली को लेकर स्थानीय निवासियों में काफी समय से आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और नगर निगम से बार-बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

सपा नेता नितिन कोहली ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि सरकार शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इन गड्ढों में साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में से एक में यदि ऐसी स्थिति है, तो बाकी जगह का क्या हाल होगा?

जनसमस्या बना गड्ढों का जाल

कमला नगर की यह समस्या केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे आगरा की एक विकट जनसमस्या बन चुकी है। रोजाना अपने गंतव्य तक जाने वाले स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी इन रास्तों पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। विशेषकर बरसात के मौसम में, जब गड्ढों में पानी भर जाता है, तो इनकी गहराई का अंदाजा लगाना असंभव हो जाता है, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों में भारी रोष

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हुए और उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। निवासियों के अनुसार, गड्ढों की वजह से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है, बल्कि यह दुर्घटनाओं को भी खुला निमंत्रण दे रहे हैं।

इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सपा नेता को सड़क के गड्ढे में उतरते हुए देखा जा सकता है। लोग इस वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सड़क व्यवस्था को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर लगातार नाराजगी जता रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस अनोखे प्रदर्शन के बाद हरकत में आता है और शहर की सड़कों का स्थायी समाधान निकालता है।